भारतीय नौसेना की ताकत में और इजाफा होने वाली है। गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसइ) द्वारा निर्मित पहले एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (एएसडब्ल्यूएसडब्ल्यूसी) का रक्षा मंत्रालय की वित्तीय सलाहकार (रक्षा सेवाएं) रसिका चौबे ने लॉन्च किया।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
गौरतलब है कि जीआरएसई भारतीय नौसेना के लिए आठ एएसडब्ल्यूएसडब्ल्यूसी का निर्माण कर रहा है। ये ‘साइलेंट हंटर्स’ भारतीय नौसेना को सौंप दिए जाने पर तटीय सीमाओं पर दुश्मनों की पनडुब्बियों का पता लगाने में आसानी होगी। 77.6 मीटर लंबे और 10.5 मीटर चौड़े ये जहाज तीन डीजल चालित जेट वाटर द्वारा संचालित हैं और तटीय जल की पूर्ण पैमाने पर उप-सतही निगरानी के साथ खोज और हमले में सक्षम हैं। जीआरएसई ने आठ महीनों में छह जहाजों को लांच करके एक बार फिर रिकार्ड बनाया है, जिनमें दूसरा प्रतिष्ठित पी17ए, दो इन-हाउस डिजाइन किए गए सर्वेक्षण पोत (बड़े), एक तेज गश्ती जहाज़, गुयाना के लिए समुद्र में जाने वाला एक यात्री सह कार्गो और अब पहला एएसडब्ल्यूएसडब्ल्यूसी शामिल हैं।
नौसेना की परंपरा के अनुसार इस जहाज का नाम उसके पूर्ववर्ती के नाम पर ‘अर्णाला’ रखा गया है, जिसे 1999 में सेवामुक्त कर दिया गया था। रसिका चौबे ने जहाज निर्माण में 90 प्रतिशत स्वदेशीकरण प्राप्त करने की दिशा में जीआरएसई के प्रयास और भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत मिशन में उसके योगदान की सराहना की। उन्होंने भारतीय नौसेना की एंटी-सबमरीन वारफेयर क्षमता बढ़ाने में जीआरएसई के योगदान का उल्लेख करते हुए सशस्त्र बलों को सर्वोत्तम और नवीनतम तकनीक से लैस करने की आवश्यकता पर बल दिया।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]छत्तीसगढ़ की राज्य मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के मसौदे को मंजूरी दे…
भारतीय पैरा एथलीट शैलेश कुमार ने विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में स्वर्ण पदक जीतकर…
नई दिल्ली में प्योरएयर टॉवर (PureAir Tower) नामक भारत का पहला माइक्रोएल्गी आधारित एयर प्यूरीफिकेशन…
भारत की महिला हॉकी टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया…
भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती…
विश्व किडनी दिवस (World Kidney Day) प्रत्येक वर्ष मार्च के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता…