भारतीय सेना ने 1 अप्रैल, 2026 को अपनी तीन प्रमुख ऑपरेशनल इकाइयों—दक्षिणी, पूर्वी और पश्चिमी कमांड—में कई नए कमांडरों की नियुक्ति की है। यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत तकनीकी एकीकरण और रणनीतिक तैयारियों के साथ अपनी ऑपरेशनल तत्परता को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उम्मीद है कि ये नवनियुक्त कमांडर भारतीय सेना की क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने दक्षिणी कमान की जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की जगह ली है, जो अब सेना के उप प्रमुख बन चुके हैं। महार रेजिमेंट से जुड़े संदीप जैन को जून 1988 में सेना में कमीशन मिला था। अपने लंबे करियर में उन्होंने विभिन्न ऑपरेशनल और स्टाफ पदों पर काम किया है और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने पूर्वी कमान की जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी का स्थान लिया है, जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। जून 1988 में सेना में शामिल हुए कृष्णन के पास लगभग चार दशकों का व्यापक सैन्य अनुभव है। उन्होंने देश के कई संवेदनशील इलाकों में कमान, प्रशिक्षण और स्टाफ से जुड़े महत्वपूर्ण पद संभाले हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र पाल सिंह ने पश्चिमी कमान की कमान संभाली है। उन्होंने 1 अप्रैल 2026 को जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण किया है। वे इससे पहले सेना स्टाफ के उप-प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार का स्थान लिया है, जो 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए हैं। पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) के अधिकारी पुष्पेंद्र पाल सिंह को दिसंबर 1987 में कमीशन मिला था। वे भारतीय सैन्य अकादमी और लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं।
भारतीय सेना को सात कमानों में विभाजित किया गया है, और इनमें से प्रत्येक कमान एक विशिष्ट भौगोलिक और रणनीतिक क्षेत्र के लिए जिम्मेदार है।
मुख्य कमानों में शामिल हैं:
इनमें से प्रत्येक कमान भारत की सुरक्षा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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