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दुबई एयर शो 2023 में भारतीय वायुसेना का दस्ता शामिल

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भारतीय वायु सेना (आईएएफ) का एक दस्ता 13 से 17 नवम्बर, 2023 तक दुबई में होने वाले द्विवार्षिक एयरशो में भाग लेने के लिए दुबई के अल मकतूम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा है। आईएएफ दस्ते में दो स्वदेशी प्लेटफॉर्म – हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस और अत्याधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव शामिल हैं। हांलाकि एयरशो के दौरान तेजस स्थैतिक और हवाई प्रदर्शन दोनों का हिस्सा होगा; सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम अपने एरोबेटिक्स कौशल का प्रदर्शन करेगी। 2021 संस्करण में भी भाग लेने के बाद, तेजस और सारंग प्रदर्शन टीमों के लिए दुबई एयरशो में भीड़ को मंत्रमुग्ध करने का यह लगातार दूसरा अवसर है।

आईएएफ दस्ते का प्रदर्शन उसके सी-17 ग्लोबमास्टर III परिवहन विमान द्वारा किया जा रहा है। टीमें सबसे पहले 13 नवम्बर 2023 को उद्घाटन समारोह में प्रदर्शन करेंगी और उसके बाद दुनिया की अन्य प्रमुख हवाई प्रदर्शन टीमों के साथ हवाई क्षेत्र साझा करेंगी। यह तेजस और ध्रुव जैसे स्वदेशी प्लेटफार्मों की भागीदारी के माध्यम से भारतीय विमानन उद्योग द्वारा की गई तीव्र प्रगति को प्रदर्शित करने का भी एक अवसर है।

 

जानिए तेजस की खासियत

तेजस विमान भारत के विमानन इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। 6,500 किलोग्राम के इस हल्के लड़ाकू विमान में इजरायल का ईएल/एम-2052 रडार लगाया गया है। सबसे बड़ी खासियत है ये विमान एक साथ 10 टारगेट को ट्रैक करते हुए हमला कर सकता है। इसे टेकऑफ के लिए ज्यादा बड़े रनवे की जरूरत नहीं होती।

 

जानें ध्रुव हेलीकॉप्टर की खासियत

ध्रुव अत्याधुनिक तकनीकों जैसे हिंज लेस इंटरचेंजेबल मेन रोटर ब्लेड्स, बियरिंग लेस टेल रोटर ब्लेड्स, एंटी रेजोनेंस वाइब्रेशन आइसोलेशन सिस्टम और महत्वपूर्ण प्रणालियों के लिए निर्मित रिडंडेंसीज के साथ लैस है। यह समुद्र तल से लेकर हिमालय की ऊंची ऊंचाइयों के साथ-साथ अत्यधिक तापमान रेंज में रेगिस्तान और खारे वायुमंडलीय स्थितियों में विभिन्न ऊंचाइयों पर संचालन के लिए एक आदर्श हेलिकाप्टर है।

 

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FAQs

भारतीय वायु सेना की स्थापना कब हुई थी?

भारतीय वायु सेना की स्थापना आठ अक्टूबर 1932 को हुई थी। इसने एक अप्रैल 1933 को पहली बार उड़ान भरी।