भारत घरेलू सेमीकंडक्टर (चिप) निर्माण को मजबूत करने और वैश्विक सेमीकंडक्टर केंद्र बनने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए लगभग ₹1 ट्रिलियन (करीब 11 अरब डॉलर) के नए फंड की तैयारी कर रहा है। यह प्रस्तावित फंड चिप डिजाइन, निर्माण उपकरण और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के विकास को समर्थन देगा। यह पहल सरकार के पहले से लागू 2021 के $10 अरब सेमीकंडक्टर प्रोत्साहन कार्यक्रम का विस्तार मानी जा रही है।
भारत का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया भर के देश सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ाने के लिए भारी निवेश कर रहे हैं।
उदाहरण के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका ने चिप्स और विज्ञान अधिनियम के तहत लगभग 52 अरब डॉलर का प्रोत्साहन पैकेज शुरू किया है। वहीं चीन ने भी सेमीकंडक्टर कंपनियों में बड़े निवेश फंड के माध्यम से भारी पूंजी लगाई है।
भारत की यह नई फंड योजना देश को इस वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति दिलाने और दीर्घकालिक तकनीकी व आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाई जा रही है।
प्रस्तावित ₹1 ट्रिलियन फंड भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 2021 में शुरू किए गए $10 अरब के सेमीकंडक्टर प्रोत्साहन कार्यक्रम का विस्तार होगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत सरकार ने सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजनाओं की लागत का 50% तक वित्तीय समर्थन देने की नीति अपनाई थी। इस पहल ने भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग की नींव रखने और बड़े निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत कई बड़ी परियोजनाएँ पहले ही घोषित की जा चुकी हैं—
इन परियोजनाओं से भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने और भविष्य में और अधिक निवेश आकर्षित करने की उम्मीद है।
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