भारत अपनी पहली ‘वन विश्वविद्यालय (Forest University)’ की स्थापना की तैयारी कर रहा है, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थापित की जाएगी। यह पहल वानिकी, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। यह परियोजना जैव-विविधता संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और सतत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर बढ़ते राष्ट्रीय फोकस को दर्शाती है।
प्रस्तावित सुविधाएँ—
विश्वविद्यालय में निम्नलिखित क्षेत्रों में डिग्री एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे—
पाठ्यक्रमों में प्रायोगिक शिक्षा, फील्ड रिसर्च और प्रत्यक्ष संरक्षण कार्य पर विशेष बल दिया जाएगा।
वन विश्वविद्यालय एक विशेषीकृत उच्च शिक्षण संस्थान होता है, जो वानिकी विज्ञान, वन्यजीव अध्ययन, पारिस्थितिकी प्रबंधन और पर्यावरणीय स्थिरता पर केंद्रित होता है। यह सामान्य विश्वविद्यालयों से अलग होता है क्योंकि इसमें कक्षा आधारित अध्ययन के साथ-साथ व्यापक फील्ड प्रशिक्षण भी शामिल होता है।
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