देश भर में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने वाला इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) गर्व के साथ अपना 7वां स्थापना दिवस (आईपीपीबी दिवस) मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में देश भर में इसकी शुरुआत की थी। स्थापना के बाद से, आईपीपीबी वंचित और बैंकिंग सेवाओं से दूर रहे परिवारों को उनके घर तक सुलभ, सस्ती और भरोसेमंद डिजिटल बैंकिंग सेवाएं प्रदान करके भारत के वित्तीय परिदृश्य को बदलने में सबसे आगे रहा है।
आईपीपीबी ने पिछले सात वर्षों के दौरान इंडिया पोस्ट के 1,61,000 से अधिक डाकघरों और 1,90,000 डाक कर्मचारियों के व्यापक नेटवर्क का लाभ उठाते हुए वित्तीय समावेशन की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। आईपीपीबी के अभिनव दृष्टिकोण ने यह सुनिश्चित किया है कि देश भर में लाखों लोगों की, विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में, आवश्यक बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच हो जिससे घर तक डिजिटल बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने के साथ हर घर को सशक्त बनाकर राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान दिया जा सके।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की स्थापना डाक विभाग, संचार मंत्रालय के तहत भारत सरकार के स्वामित्व वाली 100 प्रतिशत इक्विटी के साथ की गई है। इसे 01 सितंबर, 2018 को शुरू किया गया था। इस बैंक की स्थापना भारत में आम आदमी के लिए सबसे सुलभ, किफायती और भरोसेमंद बैंक बनाने के दृष्टिकोण से की गई है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का मूल उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं से वंचित और कम बैंकिंग सेवाएं लेने वाले लोगों की बाधाओं को दूर करना और 1,61,000 से अधिक डाकघरों (ग्रामीण क्षेत्रों में 1,43,000) और 190,000 से अधिक डाक कर्मचारियों वाले डाक नेटवर्क का लाभ उठाते हुए अंतिम छोर तक पहुंचना है।
आईपीपीबी की पहुंच और इसका संचालन मॉडल इंडिया स्टैक के प्रमुख स्तंभों पर आधारित है – सीबीएस-एकीकृत स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से ग्राहकों के घर तक सरल और सुरक्षित तरीके से कागज रहित, नकदी रहित और उपस्थिति रहित बैंकिंग को सक्षम करना। किफायती नवाचार का लाभ उठाते हुए और आम जनता के लिए बैंकिंग को सरल बनाने पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए, यह 13 भाषाओं में उपलब्ध सहज इंटरफेस के माध्यम से सरल और किफायती बैंकिंग समाधान प्रदान करता है।
यह बैंक कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया के विजन में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत तब समृद्ध होगा जब प्रत्येक नागरिक को वित्तीय रूप से सुरक्षित और सशक्त बनने का समान अवसर मिलेगा। हमारा आदर्श वाक्य है – प्रत्येक ग्राहक महत्वपूर्ण है, प्रत्येक लेनदेन महत्वपूर्ण है और प्रत्येक जमा मूल्यवान है।
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