भारत और कजाकिस्तान ने सीमा पार और सरकार प्रायोजित आतंकवाद सहित आतंकवादी गतिविधियों से निपटने में अपने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के तौर-तरीकों पर चर्चा की है। अस्ताना में आतंकवाद के खिलाफ भारत-कजाकिस्तान संयुक्त कार्य समूह की पांचवीं बैठक में दोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आतंकवादी खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें दक्षिण एशिया में सरकार प्रायोजित और सीमा पार आतंकवाद के अलावा अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई।
बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद संबंधी चुनौतियों का आकलन किया, जिसमें आतंकवादियों द्वारा नई और उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट का दुरुपयोग और आतंक का वित्तपोषण शामिल है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने सूचना के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संयुक्त राष्ट्र एवं शंघाई सहयोग संगठन जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के माध्यम से आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…