
भारत और कजाकिस्तान ने सीमा पार और सरकार प्रायोजित आतंकवाद सहित आतंकवादी गतिविधियों से निपटने में अपने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के तौर-तरीकों पर चर्चा की है। अस्ताना में आतंकवाद के खिलाफ भारत-कजाकिस्तान संयुक्त कार्य समूह की पांचवीं बैठक में दोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आतंकवादी खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें दक्षिण एशिया में सरकार प्रायोजित और सीमा पार आतंकवाद के अलावा अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई।
इंटरनेट का दुरुपयोग
बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद संबंधी चुनौतियों का आकलन किया, जिसमें आतंकवादियों द्वारा नई और उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग, आतंकवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट का दुरुपयोग और आतंक का वित्तपोषण शामिल है।
आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत के महत्व पर जोर
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने सूचना के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संयुक्त राष्ट्र एवं शंघाई सहयोग संगठन जैसे बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के माध्यम से आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।
कजाकिस्तान के बारे में मुख्य बातें
- भौगोलिक स्थिति: कजाकिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा भूमि से घिरा देश है, जो मध्य एशिया में स्थित है, इसकी सीमा उत्तर में रूस, पूर्व में चीन, दक्षिण में किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान और पश्चिम में कैस्पियन सागर से लगती है।
- राजधानी और प्रमुख शहर: कजाकिस्तान की राजधानी नूर-सुल्तान (पूर्व में अस्ताना) है, जबकि अन्य प्रमुख शहरों में अल्माटी, श्यामकेंट और कारागांडा शामिल हैं।
- समृद्ध सांस्कृतिक विरासत: कजाकिस्तान अपने खानाबदोश इतिहास और विभिन्न जातीय समूहों के अभिसरण से प्रभावित एक विविध सांस्कृतिक विरासत का दावा करता है। कज़ाख, रूसी और अन्य जातीय समूह देश के बहुसांस्कृतिक समाज में योगदान करते हैं।
- अर्थव्यवस्था: कजाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से तेल, प्राकृतिक गैस, कोयला और खनिजों सहित प्राकृतिक संसाधनों के विशाल भंडार से संचालित है। देश संसाधन निष्कर्षण पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए आर्थिक विविधीकरण और आधुनिकीकरण प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- राजनीतिक व्यवस्था: कजाकिस्तान एक राष्ट्रपति गणतंत्र है, जिसमें नूरसुल्तान नज़रबायेव 1991 में स्वतंत्रता से लेकर 2019 में अपने इस्तीफे तक देश के पहले राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत रहे। कासिम-जोमार्ट टोकायेव नज़रबायेव के बाद राष्ट्रपति बने।


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