संयुक्त राष्ट्र में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम के तहत भारत ने उन सौ से अधिक देशों और वैश्विक संगठनों का साथ दिया है जो वेस्ट बैंक में इजरायल के ”एकतरफा” फैसलों की कड़ी निंदा कर रहे हैं। इन देशों का मानना है कि इजरायल के ये कदम वेस्ट बैंक में उसकी ‘अवैध उपस्थिति’ को बढ़ाने और क्षेत्र के विलय की कोशिशों का हिस्सा हैं। संयुक्त राष्ट्र में फलस्तीन के स्थायी पर्यवेक्षक मिशन द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में इन देशों ने इजरायल की नीतियों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
संयुक्त बयान में Israel के “एकतरफा निर्णयों और कदमों” की कड़ी निंदा की गई है और इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध बताया गया है। इसमें ऐसे सभी कदमों को तुरंत वापस लेने की मांग की गई है और विलय (Annexation) के किसी भी प्रयास का स्पष्ट विरोध दोहराया गया है।
हस्ताक्षरकर्ताओं ने खारिज किया:
बयान में आगे कहा गया कि ऐसे उपाय:
शुरुआत में 17 फरवरी को जारी इस बयान पर 85 देशों ने हस्ताक्षर किए थे। भारत प्रारंभ में उनमें शामिल नहीं था, लेकिन बाद में जब हस्ताक्षरकर्ताओं की संख्या 100 से अधिक हो गई, तब भारत ने भी इसमें अपना समर्थन जोड़ा।
West Bank 1967 के छह-दिवसीय युद्ध के बाद से इज़राइल के नियंत्रण में है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का अधिकांश हिस्सा इस क्षेत्र में इज़राइली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध मानता है, हालांकि इज़राइल इस व्याख्या से असहमत है।
बयान में निम्नलिखित के समर्थन की भी पुनः पुष्टि की गई:
ये सभी ढांचे इज़राइल के साथ एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना का समर्थन करते हैं।
भारत ने ऐतिहासिक रूप से इज़राइल–फिलिस्तीन संघर्ष में संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है।
भारत के रुख के प्रमुख पहलू
संयुक्त बयान में शामिल होने का भारत का निर्णय कई कूटनीतिक संकेत देता है:
1. अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति प्रतिबद्धता:
इस बयान पर हस्ताक्षर कर भारत ने संयुक्त राष्ट्र आधारित बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
2. पश्चिम एशिया में संतुलन:
भारत के इज़राइल और अरब देशों, विशेषकर खाड़ी देशों, के साथ मजबूत संबंध हैं, जो ऊर्जा और व्यापार के महत्वपूर्ण साझेदार हैं।
3. रणनीतिक स्वायत्तता:
यह कदम भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को दर्शाता है, जिसमें वह वैश्विक सहमति के साथ खड़ा होता है, लेकिन अपने द्विपक्षीय संबंधों को भी संतुलित बनाए रखता है।
समुद्री संरक्षण को बनाए रखने के लिए, भारत ने 'भवसागर' रेफरल सेंटर को गहरे समुद्र…
1 अप्रैल को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का स्थापना दिवस मनाया जाता है, इसकी स्थापना…
एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाते हुए, आंध्र प्रदेश 14 अप्रैल, 2026…
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन, IndiGo ने विमानन क्षेत्र के अनुभवी विलियम वॉल्श को अपना…
1 अप्रैल, 2026 से भारत के कई बैंक ATM के नए नियम लागू करेंगे, जिनका…
मार्च 2026 के महीने में भारत का GST कलेक्शन ₹1.78 लाख करोड़ रहा। ये आंकड़े…