ईरान और रूस की “ईरान-रूस समुद्री सुरक्षा बेल्ट 2021” नामक नौसेना अभ्यास में भारत भी शामिल हुआ, जो हिंद महासागर के उत्तरी भाग में हुआ. चीनी नौसेना भी अभ्यास में शामिल होगी. ड्रिल का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा को बढ़ाना, समुद्री डकैती और आतंकवाद का सामना करना और सूचनाओं का आदान-प्रदान करना है.
ड्रिल के बारे में:
- ड्रिल 17,000 वर्ग किलोमीटर (6,500 वर्ग मील) के क्षेत्र को कवर करेगा.
- इसमें समुद्र और हवाई लक्ष्यों पर शूटिंग और अपहृत जहाजों को मुक्त करना, साथ ही खोज और बचाव तथा समुद्री डकैती विरोधी अभियान शामिल होंगे.
- अभ्यास ‘ईरान-रूस समुद्री सुरक्षा बेल्ट’ इतना लचीला है कि कोई भी देश अगर चाहे तो इसमें शामिल हो सकता है.


भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने वित्त वर्ष 2...
इतिहास के 3 सबसे बड़े और विनाशकारी युद्ध...
भुवनेश्वर कुमार IPL में 200 विकेट लेने व...

