भारतीय और जापान ने समुद्री प्रदूषण नियंत्रण को लेकर संयुक्‍त अभ्‍यास किया

इंडियन कोस्ट गार्ड और जापान कोस्ट गार्ड ने मुंबई में एक जॉइंट खतरनाक और नुकसानदायक पदार्थों (HNS) रिस्पॉन्स ड्रिल की। ​​यह एक्सरसाइज पॉल्यूशन रिस्पॉन्स वेसल ICGS समुद्र प्रहरी पर हुई और इसका मकसद दोनों इंडो-पैसिफिक पार्टनर्स के बीच ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन, आपदा की तैयारी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना था।

खबरों में क्यों?

इंडियन कोस्ट गार्ड और जापान कोस्ट गार्ड ने मुंबई में एक जॉइंट HNS रिस्पॉन्स ड्रिल की। ​​इस अभ्यास का मकसद समुद्र में केमिकल फैलने की घटनाओं से निपटने की तैयारी को बेहतर बनाना था।

उच्चस्तरीय भारत–जापान समुद्री सहभागिता

  • इस सहभागिता के तहत जापान तटरक्षक बल के कमांडेंट योशियो सेगुची ने भारतीय तटरक्षक बल के पश्चिमी क्षेत्रीय मुख्यालय का दौरा किया।
  • उन्होंने भिषम शर्मा, निरीक्षक जनरल एवं कमांडर, कोस्ट गार्ड रीजन (वेस्ट) से शिष्टाचार भेंट की।
  • दोनों पक्षों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सहयोग, अंतर-संचालन क्षमता (Interoperability) और सुरक्षा व स्थिरता सुनिश्चित करने की साझा जिम्मेदारी के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
  • इस यात्रा ने दोनों तटरक्षक बलों के बीच मजबूत संस्थागत संबंधों और नियमित संचालनात्मक आदान-प्रदान की पुनः पुष्टि की।

संयुक्त HNS प्रतिक्रिया अभ्यास

  • इस यात्रा का मुख्य आकर्षण ICGS समुद्र प्रहरी (Samudra Prahari) पर आयोजित संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास रहा।
  • अभ्यास में भारतीय तटरक्षक बल की प्रदूषण प्रतिक्रिया स्ट्राइक टीम और जापान तटरक्षक बल की नेशनल स्ट्राइक टीम ने भाग लिया।
  • इसका फोकस समुद्र में खतरनाक रासायनिक रिसाव से निपटना, विशेषीकृत उपकरणों की तैनाती और समन्वित आपात प्रतिक्रिया पर था।
  • अभ्यास के दौरान प्रदूषण घटनाओं में कंटेनमेंट, शमन (Mitigation) और सुरक्षा प्रबंधन की व्यावहारिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
  • दोनों पक्षों के वरिष्ठ कमांडरों ने अभ्यास की समीक्षा कर प्रतिक्रिया की प्रभावशीलता का आकलन किया।

प्रशिक्षण, योजना और औद्योगिक परिचय

  • समुद्र-आधारित अभ्यास से पहले मुंबई में विस्तृत योजना सत्र, रिहर्सल और कक्षा-आधारित संवाद आयोजित किए गए।
  • इन सत्रों में मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOPs), संचार प्रोटोकॉल और HNS प्रतिक्रिया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम अभ्यास शामिल थे।
  • संचालनात्मक अभ्यासों के अलावा, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड का भी दौरा किया, जिससे भारत की जहाज निर्माण और समुद्री विनिर्माण क्षमताओं की जानकारी मिली।
  • इस दौरे से संचालन से परे औद्योगिक सहयोग और तकनीकी आदान-प्रदान को लेकर आपसी समझ और मजबूत हुई।

HNS प्रतिक्रिया के बारे में

  • खतरनाक और नुकसानदायक पदार्थों (HNS) की घटनाएँ समुद्र में रासायनिक रिसाव से जुड़ी होती हैं, जो समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र, तटीय आबादी और समुद्री व्यापार पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं।
  • ऐसे हादसों में त्वरित नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी तैयारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
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vikash

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