Categories: International

भारत ने मालदीव को अपनी पहली हाई-स्पीड फेरी गिफ्ट की

भारत ने मालदीव को उसकी पहली हाई-स्पीड फेरी भेंट की है, जिससे प्रमुख एटोल्स के बीच नई परिवहन सेवाओं की शुरुआत होगी। यह फेरी भारत की सहायता से निर्मित की गई है और इसके साथ ही फाफू और धालू एटोल्स के बीच राज्जे ट्रांसपोर्ट लिंक (RTL) सेवाओं का शुभारंभ हुआ है। यह पहल हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (HICDP) फेज-III समझौते के तहत भारत के निरंतर सहयोग का हिस्सा है। यह कदम समुद्री कनेक्टिविटी को मजबूत करता है और ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भारत-मालदीव फेरी परियोजना: पहली हाई-स्पीड फेरी सौंपना

जनवरी 2025 में हस्ताक्षरित HICDP फेज-III समझौते के तहत प्रस्तावित 12 फेरी में से पहली हाई-स्पीड फेरी भारत ने मालदीव को सौंप दी है। यह फेरी RTL प्रणाली के अंतर्गत फाफू और धालू एटोल्स को जोड़ेगी। मालदीव में भारत के उच्चायुक्त जी. बालासुब्रमण्यम ने आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं के समर्थन के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। इस परियोजना का उद्देश्य दूरदराज द्वीपों के बीच संपर्क बढ़ाना, स्थानीय आवागमन को सशक्त बनाना और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।

HICDP फेज-III और अनुदान सहायता विवरण

यह हाई-स्पीड फेरी परियोजना HICDP फेज-III का हिस्सा है। मई 2025 में भारत ने मालदीव के साथ फेरी सेवा विस्तार और सामुदायिक विकास के लिए 13 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।

मुख्य बिंदु:

  • कुल अनुदान: 100 मिलियन मालदीवियन रूफिया (लगभग ₹55 करोड़)
  • कुल 12 हाई-स्पीड फेरी की आपूर्ति
  • फोकस: समुद्री कनेक्टिविटी और आजीविका समर्थन

चार चरणों के तहत भारत ने मालदीव में परिवहन, खेल अवसंरचना, तटीय संरक्षण, स्वास्थ्य और शिक्षा परियोजनाओं के लिए 29.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता प्रदान की है।

‘नेबरहुड फर्स्ट’ के तहत भारत-मालदीव संबंध मजबूत

यह परियोजना भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और Vision MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के अनुरूप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2025 में मालदीव का दौरा किया था, जबकि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू ने अक्टूबर 2024 में भारत का दौरा किया था। ये उच्चस्तरीय आदान-प्रदान बेहतर द्विपक्षीय संबंधों और समुद्री सहयोग को दर्शाते हैं। हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में मालदीव एक महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी है, इसलिए कनेक्टिविटी परियोजनाएँ रणनीतिक दृष्टि से अहम हैं।

राज्जे ट्रांसपोर्ट लिंक (RTL) का महत्व

राज्जे ट्रांसपोर्ट लिंक एक राष्ट्रीय फेरी नेटवर्क है, जिसका उद्देश्य द्वीपों के बीच परिवहन को बेहतर बनाना है। मालदीव अनेक बिखरे हुए एटोल्स से बना है, इसलिए समुद्री परिवहन दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

RTL फेरी सेवाओं के लाभ:

  • सस्ती और विश्वसनीय परिवहन सुविधा
  • पर्यटन और मत्स्य उद्योग को बढ़ावा
  • स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं तक बेहतर पहुंच
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती

भारत-मालदीव फेरी परियोजना जमीनी स्तर पर विकास और द्वीपीय कनेक्टिविटी को सीधे समर्थन प्रदान करती है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

IEA इमरजेंसी रिज़र्व से रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल रिलीज़ करेगा

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने अपने इतिहास में सबसे बड़ी आपातकालीन तेल रिलीज़ की घोषणा…

59 seconds ago

GDP बेस ईयर अपडेट के बाद सरकार ने फिस्कल डेफिसिट रेश्यो में बदलाव किया

भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit)…

15 hours ago

ICC महिला ODI रैंकिंग: स्मृति मंधाना नंबर 1 पर बरकरार, जेमिमा रोड्रिग्स 12वें स्थान पर खिसकीं

स्मृति मंधाना ने नवीनतम ICC महिला वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में अपना नंबर-1 स्थान बरकरार रखा…

15 hours ago

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने IAF C-130J MRO सुविधा के लिए रैमको के साथ साझेदारी की

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने रैमको सिस्टम्स के साथ मिलकर भारत में भारतीय वायु सेना…

16 hours ago

मशहूर इंडोलॉजिस्ट पद्म श्री अवॉर्ड विजेता हरमन कुलके का निधन

प्रख्यात इतिहासकार और इंडोलॉजिस्ट हरमन कुलके का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया।…

16 hours ago

देशभर में LPG संकट के बीच ECA लागू, जाने क्या है इसका मतलब

भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एलपीजी (LPG) और प्राकृतिक…

17 hours ago