भारत की ओर से मालदीव को दी जा रही आर्थिक और वित्तीय सहायता की पहली राशि को मंजूरी मिल गई है। इसके अंतर्गत 30 अरब रुपये दी जाएंगी। यह जानकारी मालदीव में स्थित भारतीय उच्चायोग ने दी है। भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा कि ये धनराशि सार्क मुद्रा अदला-बदली ढांचे की पहली किस्त के तहत जारी की जा रही है।
सन ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, मालदीव के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सुविधा का निपटान सरकार की अपनी वित्तीय दायित्वों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि 2012 में सार्क स्वैप फ्रेमवर्क की शुरुआत के बाद से भारतीय रिजर्व बैंक ने मालदीव को कुल 1.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का स्वैप समर्थन दिया है।
सार्क देशों के लिए मुद्रा अदला-बदली व्यवस्था पर ढांचा के तहत मुद्रा वापसी पर आरबीआई और मालदीव सरकार के बीच अक्तूबर 2024 में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की नई दिल्ली की राजकीय यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। भारतीय उच्चायोग ने कहा कि मालदीव की ओर इस ढांचे के तहत अक्तूबर 2024 में ली गई 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर की निकासी 23 अप्रैल को परिपक्व हो गई।
भारतीय उच्चायोग ने कहा कि मुद्रा विनिमय सुविधा मालदीव की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने में एक अहम तत्व साबित हुई है। पिछले साल, भारत ने मालदीव सरकार की ओर से उनके अनुरोध पर आपातकालीन वित्तीय सहायता के रूप में जारी किए गए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के ट्रेजरी बिलों को रोलओवर किया था। भारतीय दूतावास ने कहा कि मालदीव भारत की पड़ोसी पहले नीति और विजन महासागर के तहत एक महत्वपूर्ण भागीदार है। एक मित्र पड़ोसी के रूप में, भारत हमेशा से मालदीव के लिए प्रथम सहायता प्रदाता रहा है।
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