भारत और नीदरलैंड ने संयुक्त व्यापार और निवेश समिति (JTIC) का गठन किया

भारत और नीदरलैंड्स ने अपने आर्थिक साझेदारी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संयुक्त व्यापार एवं निवेश समिति (Joint Trade and Investment Committee – JTIC) की स्थापना की है। इस निर्णय को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और निवेश सहयोग के लिए एक समर्पित संस्थागत ढांचा तैयार करना है।

संयुक्त व्यापार एवं निवेश समिति (JTIC) क्या है

संयुक्त व्यापार एवं निवेश समिति (JTIC) भारत और नीदरलैंड्स के बीच आर्थिक संबंधों की समीक्षा, मार्गदर्शन और विस्तार के लिए एक द्विपक्षीय तंत्र के रूप में कार्य करेगी।
यह समिति—

  • व्यापार प्रवाह को सुदृढ़ करने
  • द्विपक्षीय निवेश को प्रोत्साहित करने
  • आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित होगी।

JTIC का उद्देश्य अस्थायी बैठकों से आगे बढ़कर नियमित और संस्थागत संवाद सुनिश्चित करना है।

JTIC के उद्देश्य

  • द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना
  • व्यापार एवं निवेश से जुड़ी नियामक और प्रक्रियागत बाधाओं की पहचान कर उन्हें दूर करना
  • उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ तलाशना
  • प्रौद्योगिकी, स्थिरता (Sustainability) और नवाचार आधारित विकास में साझेदारी को बढ़ावा देना

संरचना और कार्यप्रणाली

  • JTIC की बैठकें हर वर्ष आयोजित की जाएँगी
  • बैठकें बारी-बारी से भारत और नीदरलैंड्स में होंगी

समिति की सह-अध्यक्षता—

  • भारत की ओर से: अतिरिक्त सचिव, वाणिज्य विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  • नीदरलैंड्स की ओर से: महानिदेशक (Foreign Economic Relations), विदेश मंत्रालय
  • दोनों देशों के संबंधित सरकारी अधिकारी एवं नामित सदस्य बैठकों में भाग लेंगे

पहल का महत्व

JTIC की स्थापना से—

  • आर्थिक संवाद के लिए एक औपचारिक और संरचित मंच उपलब्ध होगा
  • व्यापार और निवेश से जुड़ी समस्याओं का व्यवस्थित समाधान संभव होगा
  • निवेशकों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और पूर्वानुमेय कारोबारी माहौल बेहतर होगा

भारत के लिए यह पहल यूरोपीय देशों के साथ आर्थिक जुड़ाव मजबूत करने की रणनीति के अनुरूप है, जबकि नीदरलैंड्स के लिए यह यूरोप में भारतीय व्यापार और निवेश का प्रमुख प्रवेश द्वार बनने की भूमिका को और सुदृढ़ करती है।

मुख्य बिंदु

  • भारत और नीदरलैंड्स ने संयुक्त व्यापार एवं निवेश समिति (JTIC) की स्थापना की
  • समिति को औपचारिक रूप देने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए
  • JTIC द्विपक्षीय व्यापार और दोतरफा निवेश को बढ़ावा देगी
  • व्यापार और निवेश बाधाओं की पहचान व समाधान इसका प्रमुख लक्ष्य है
  • समिति की बैठकें प्रतिवर्ष, दोनों देशों में बारी-बारी से होंगी
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

3 hours ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

3 hours ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

3 hours ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

4 hours ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

4 hours ago