प्रधानमंत्री ने WHO ग्लोबल समिट में अश्वगंधा पर स्मारक डाक टिकट जारी किया

नई दिल्ली में आयोजित द्वितीय WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रसिद्ध औषधीय पौधे अश्वगंधा पर एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। यह पहल पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने और इसे समग्र (Holistic) एवं निवारक स्वास्थ्य सेवा के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

डाक टिकट जारी करने का महत्व

  • स्मारक डाक टिकट प्रतीकात्मक और शैक्षणिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण होते हैं।
  • डाक टिकट किसी देश की संस्कृति, विरासत और प्राथमिकताओं के सांस्कृतिक दूत के रूप में कार्य करते हैं।
  • अश्वगंधा को दर्शाकर भारत ने पारंपरिक औषधीय पौधों के वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया है।
  • यह कदम आयुष प्रणालियों (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने और पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणालियों से जोड़ने के भारत के प्रयासों को मजबूत करता है।

अश्वगंधा के बारे में

  • अश्वगंधा (Withania somnifera) आयुर्वेद में सदियों से उपयोग की जाने वाली एक प्रमुख औषधीय जड़ी-बूटी है।
  • यह तनाव कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, ऊर्जा और समग्र स्वास्थ्य के लिए जानी जाती है।
  • इसे एक “एडैप्टोजेन” माना जाता है, जो शरीर को शारीरिक और मानसिक तनाव से निपटने में मदद करता है।
  • हाल के वर्षों में अश्वगंधा ने वैश्विक वेलनेस, न्यूट्रास्यूटिकल और इंटीग्रेटिव मेडिसिन बाजारों में व्यापक लोकप्रियता हासिल की है।

पृष्ठभूमि

  • भारत के पास पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों, विशेषकर आयुर्वेद, की समृद्ध विरासत है, जो औषधीय पौधों और प्राकृतिक उपचारों पर आधारित है।
  • पिछले एक दशक में भारत ने संस्थागत ढांचे, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नीतिगत समर्थन के माध्यम से अपने पारंपरिक ज्ञान के वैश्वीकरण पर विशेष ध्यान दिया है।

मुख्य बिंदु

  • अश्वगंधा पर स्मारक डाक टिकट नई दिल्ली में जारी किया गया।
  • यह टिकट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा द्वितीय WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के दौरान जारी किया गया।
  • अश्वगंधा एक प्रमुख आयुर्वेदिक औषधीय पौधा है, जो तनाव निवारण और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए प्रसिद्ध है।
  • यह पहल भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देती है।
  • कदम आयुष प्रणालियों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच को मजबूत करता है।
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vikash

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