भारत और अर्जेंटीना ने लिथियम अन्वेषण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये

केंद्रीय कोयला और खदान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने अर्जेंटीना के काटामार्का प्रांत के गवर्नर, महामहिम राउल अलेजांद्रो जलिल और भारत के खनन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य खनन क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाना, विशेष रूप से लिथियम अन्वेषण और निवेश के अवसरों पर चर्चा करना था। बैठक की मुख्य उपलब्धि मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (MECL) और अर्जेंटीना के काटामार्का प्रांतीय सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर थी। यह समझौता लिथियम सहित महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण और विकास में गहरा सहयोग स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

बैठक के मुख्य बिंदु

खनन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना

  • यह बैठक भारत और अर्जेंटीना के बीच खनन क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी, विशेष रूप से लिथियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण में।

समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर

  • मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (MECL) और अर्जेंटीना के काटामार्का प्रांतीय सरकार के बीच यह समझौता ज्ञापन किया गया।
  • इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण और संसाधन विकास में सहयोग को बढ़ावा देना है।

लिथियम अन्वेषण पर ध्यान केंद्रित

  • चर्चा में अर्जेंटीना में भारत की बढ़ती भागीदारी पर जोर दिया गया, जो ‘लिथियम त्रिभुज’ (Lithium Triangle) का हिस्सा है और जहां बड़े पैमाने पर लिथियम भंडार मौजूद हैं।
  • लिथियम, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरियों और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है, जो भारत के ग्रीन एनर्जी ट्रांज़िशन के लिए आवश्यक है।

लिथियम अन्वेषण में प्रमुख कंपनियां

  • खनिज विदेश इंडिया लिमिटेड (KABIL) और ग्रीनको (Greenko) जैसी भारतीय कंपनियां काटामार्का, अर्जेंटीना में लिथियम अन्वेषण में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं।
  • बैठक में चर्चा हुई कि भारत की कंपनियों की भागीदारी को और कैसे बढ़ाया जा सकता है, जिससे इस महत्वपूर्ण संसाधन तक भारत की पहुंच मजबूत हो सके।

निवेश और संयुक्त उद्यम (Joint Ventures)

  • बैठक में निवेश बढ़ाने, दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों और संयुक्त उपक्रमों के अवसरों पर चर्चा की गई।
  • यह भारत की ईवी और नवीकरणीय ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा।

नीति और नियामक चर्चाएं

  • दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भागीदारी को संचालित करने वाले नीति ढांचे और नियामक पहलुओं पर चर्चा की।
  • सतत खनन (Sustainable Mining) को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय और सामाजिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के उपायों पर भी बात की गई।

इंफ्रास्ट्रक्चर और ज्ञान विनिमय

  • बैठक में खनन प्रौद्योगिकी और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया।
  • अर्जेंटीना के खनन क्षेत्र में सहयोग को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता पर भी चर्चा हुई।

सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता

  • यह समझौता ज्ञापन दोनों देशों के मजबूत संबंधों को पुनः पुष्टि करता है, विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए।
  • इस भागीदारी से लिथियम अन्वेषण परियोजनाओं में तेजी आने, संसाधन सुरक्षा बढ़ाने और भारतीय कंपनियों के लिए लैटिन अमेरिकी खनन क्षेत्र में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
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vikash

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