केंद्र ने ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग का अनुदान जारी किया

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग (XV FC) अनुदान जारी किए हैं, जिससे बिहार, हरियाणा और सिक्किम की ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs) को महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इन निधियों का उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) को सशक्त बनाना, स्थानीय प्रशासन को बेहतर बनाना और क्षेत्र-विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करना है। इस अनुदान में अविशिष्ट (Untied) अनुदान और विशिष्ट (Tied) अनुदान शामिल हैं, जिनका उपयोग स्वच्छता और जल आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए किया जाएगा।

राज्यों को कितनी वित्तीय सहायता मिली?

वित्त आयोग द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर तीनों राज्यों को अनुदान वितरित किया गया है—

  • बिहार को ₹821.8021 करोड़ की दूसरी किस्त (Untied Grants) के रूप में आवंटित किया गया है। साथ ही, पहली रोकी गई किस्त में से ₹47.9339 करोड़ भी जारी किए गए हैं। यह धनराशि 38 जिला पंचायतों, 530 प्रखंड पंचायतों और 8,052 ग्राम पंचायतों को दी जाएगी।
  • हरियाणा को ₹202.4663 करोड़ की दूसरी किस्त के रूप में आवंटित किया गया है। इसके अलावा, पहली रोकी गई किस्त में से ₹7.5993 करोड़ भी जारी किए गए हैं। यह राशि 18 जिला पंचायतों, 142 प्रखंड पंचायतों और 6,195 ग्राम पंचायतों को दी जाएगी।
  • सिक्किम को ₹6.2613 करोड़ की दूसरी किस्त जारी की गई है। यह निधि 4 जिला पंचायतों और 186 ग्राम पंचायतों के लिए निर्धारित है।

केंद्र सरकार ने इन अनुदानों को जारी करने से पहले राज्यों द्वारा वित्त आयोग की निर्धारित शर्तों को पूरा करने की पुष्टि की।

इन अनुदानों का उपयोग कहां किया जाएगा?

वित्त आयोग अनुदानों को दो भागों में बांटा गया है, जिनका उद्देश्य विकास कार्यों को पूरा करना है—

अविशिष्ट (Untied) अनुदान:

  • यह धनराशि पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) और ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs) को क्षेत्र-विशिष्ट विकास जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।
  • ग्यारहवीं अनुसूची (Eleventh Schedule) के तहत स्थानीय विकास कार्यों में उपयोग किया जा सकता है।
  • इन निधियों का वेतन या प्रशासनिक खर्चों में उपयोग वर्जित है।

विशिष्ट (Tied) अनुदान:

  • इन निधियों का उपयोग केवल आवश्यक सेवाओं में सुधार के लिए किया जाता है, जैसे—

स्वच्छता एवं खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति बनाए रखना:

  • कचरा प्रबंधन, मानव मल एवं गंदे पानी की सफाई के लिए धनराशि का उपयोग किया जाएगा।

पेयजल आपूर्ति:

  • वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और जल पुनर्चक्रण (Water Recycling) को बढ़ावा देने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

ग्रामीण विकास के लिए यह वित्तीय सहायता क्यों महत्वपूर्ण है?

वित्त आयोग के अनुदान ग्रामीण शासन को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इन निधियों से—

  • ग्राम स्तर पर आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं में सुधार होगा।
  • विकेंद्रीकृत शासन प्रणाली को मजबूती मिलेगी।
  • विकास परियोजनाओं को समय पर लागू करने में सहायता मिलेगी।

इस अनुदान के माध्यम से केंद्र सरकार बिहार, हरियाणा और सिक्किम की ग्रामीण स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने और बुनियादी सेवाओं में सुधार लाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रही है

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 month ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago