भारत ने वनों पर संयुक्त राष्ट्र फोरम (UNFF20) के 20वें सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया

भारत ने वन संरक्षण और सतत वन प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसका प्रदर्शन 5 से 9 मई, 2025 के दौरान न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र वनों पर मंच (UNFF20) के 20वें सत्र में किया गया। भारत ने वैश्विक पर्यावरणीय लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिसमें वनों और वृक्षों के आवरण में वृद्धि तथा बड़े बिल्ली प्रजातियों (बिग कैट्स) के संरक्षण हेतु अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में अपने प्रयासों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। इस सत्र के माध्यम से भारत ने अन्य देशों को अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया और वैश्विक वन संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने की पहल की।

क्यों है यह खबरों में?

  • भारत की UNFF20 में भागीदारी का वैश्विक महत्व है, विशेष रूप से 2017–2030 के संयुक्त राष्ट्र रणनीतिक वन योजना के तहत सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के संदर्भ में।

  • बड़े बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण और वन बहाली (Forest Restoration) की पहल भारत को पर्यावरणीय नेतृत्व में अग्रणी बनाती है।

UNFF20 में भारत द्वारा उजागर की गई प्रमुख उपलब्धियाँ

वन और वृक्ष आवरण में वृद्धि

  • भारत का वन और वृक्ष आवरण देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% तक पहुँच चुका है (India State of Forest Report के अनुसार)।

  • प्रमुख पहलें:

    • अरावली ग्रीन वॉल परियोजना

    • मैंग्रोव कवर में 7.86% की वृद्धि

    • ग्रीन इंडिया मिशन के अंतर्गत 1.55 लाख हेक्टेयर भूमि पर वनीकरण

एक पेड़ माँ के नाम (Plant4Mother) अभियान

  • इस राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत 1.4 अरब पौधे लगाए गए, जो पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन की दिशा में एक प्रमुख कदम है।

अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA)

  • भारत ने सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों को IBCA से जुड़ने का निमंत्रण दिया।

  • यह प्लेटफ़ॉर्म सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए समर्पित है।

वनाग्नि प्रबंधन में वैश्विक सहयोग

  • भारत ने वनाग्नि प्रबंधन और प्रमाणन पर केंद्रित Country-Led Initiative (CLI) के निष्कर्षों पर वैश्विक कार्रवाई का आह्वान किया।

अपक्षयित वन परिदृश्यों का पुनर्स्थापन

  • भारत ने एक साइड इवेंट में सतत वन प्रबंधन में अपनी नीति नवाचार, सामुदायिक भागीदारी और तकनीकी समाधान आधारित दृष्टिकोण को साझा किया।

वन शासन में पारिस्थितिकी तंत्र मूल्यांकन

  • उत्तराखंड, राजस्थान और टाइगर रिजर्व में किए गए पायलट अध्ययनों के निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए।

  • उद्देश्य: राष्ट्रीय योजना में पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन को शामिल करना।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

आकासा एयर IATA का हिस्सा बनने वाली भारत की 5वीं एयरलाइन बनी

भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…

18 hours ago

स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…

19 hours ago

विश्व हिंदी दिवस 2026: तारीख, इतिहास, महत्व, थीम

विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…

20 hours ago

ऑस्कर 2026: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए पांच भारतीय फिल्में क्वालीफाई

98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…

20 hours ago

मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…

21 hours ago

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…

22 hours ago