आईआईटी मद्रास ने की चार दिवसीय अखिल भारतीय अनुसंधान विद्वान शिखर सम्मेलन 2024 की मेजबानी

आईआईटी मद्रास एआईआरएसएस 2024 की मेजबानी कर रहा है, जो 7 मार्च तक चलेगा। यह कार्यक्रम विभिन्न अनुसंधान क्षेत्रों में हाल की प्रगति को प्रदर्शित करने और तलाशने के लिए भारत भर के विभिन्न विषयों से विचार एकत्र करता है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) 4 से 7 मार्च 2024 तक अखिल भारतीय अनुसंधान विद्वान शिखर सम्मेलन (एआईआरएसएस) 2024 की मेजबानी कर रहा है। आईआईटी मद्रास के अनुसंधान मामलों की परिषद द्वारा आयोजित, यह कार्यक्रम विविध प्रकार के दिमागों का एक जमावड़ा होने का वादा करता है। भारत भर में अनुशासन, जिसका लक्ष्य विभिन्न अनुसंधान क्षेत्रों में नवीनतम प्रगति का प्रदर्शन और अन्वेषण करना है।

अखिल भारतीय अनुसंधान विद्वान शिखर सम्मेलन (एआईआरएसएस) 2024 का मुख्य विवरण

  • आईआईटी मद्रास द्वारा आयोजित: ऑल इंडिया रिसर्च स्कॉलर्स समिट (एआईआरएसएस) 2024 का आयोजन प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास द्वारा 4 मार्च से 7 मार्च, 2024 तक किया जा रहा है।
  • विविध भागीदारी: भारत भर के विभिन्न विषयों के शोधकर्ताओं के भाग लेने की उम्मीद है, जो देश में अनुसंधान प्रतिभा की व्यापकता और गहराई को प्रदर्शित करेगा।
  • नवीनतम प्रगति का प्रदर्शन: शिखर सम्मेलन अत्याधुनिक खोजों और नवाचारों पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न अनुसंधान क्षेत्रों में नवीनतम प्रगति को प्रदर्शित करने और तलाशने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
  • प्रस्तुति प्रारूप: प्रतिभागियों को मौखिक प्रस्तुतियों, पोस्टर सत्रों और उत्पाद/प्रोटोटाइप शोकेस के माध्यम से अपना काम प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, जिससे ज्ञान के आदान-प्रदान और सहयोग की सुविधा मिलती है।
  • पैनल चर्चा: एक मुख्य आकर्षण ‘अनुसंधान और विकास: भारत की वैश्विक शैक्षणिक स्थिति के लिए उत्प्रेरक’ विषय पर पैनल चर्चा है, जिसमें प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी।
  • उद्घाटन भाषण: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी तथा कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री श्री राजीव चन्द्रशेखर ने भारत की विकास गाथा में अनुसंधान और नवाचार के महत्व पर जोर देते हुए उद्घाटन भाषण दिया।
  • उद्योग-अकादमिक एकीकरण: शिखर सम्मेलन का उद्देश्य शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देना, आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के साथ तालमेल बिठाना और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
  • तकनीकी कार्यशालाएँ और प्रतियोगिताएँ: प्रतिभागी तकनीकी कार्यशालाओं, हैकथॉन और प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं, जिससे उन्हें अपने अनुसंधान और तकनीकी कौशल को परखने और बढ़ाने के अवसर मिलते हैं।
  • प्रख्यात वक्ता: डीआरडीओ, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास जैसे संगठनों के प्रसिद्ध वक्ता और क्रिकेट जगत की उल्लेखनीय हस्तियां इस कार्यक्रम को संबोधित करने, अपनी अंतर्दृष्टि और अनुभव साझा करने के लिए निर्धारित हैं।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: शैक्षणिक सत्रों के अलावा, शिखर सम्मेलन में संगीत समारोह और ओपन माइक सत्र जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल हैं, जो प्रतिभागियों के बीच नेटवर्किंग और विश्राम को बढ़ावा देते हैं।

विचारों, नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देना

ऑल इंडिया रिसर्च स्कॉलर्स समिट 2024 विचारों, नवाचार और सहयोग का एक मिश्रण होने का वादा करता है। जैसे-जैसे शोधकर्ता अपनी अंतर्दृष्टि और अनुभव साझा करने के लिए एकत्रित होते हैं, इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है, जिससे शिक्षा और उससे परे उत्कृष्टता की दिशा में देश की यात्रा में योगदान दिया जा सके।

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prachi

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