IIT-Delhi ने एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए पहला विशेष पीएचडी प्रवेश अभियान शुरू किया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT-दिल्ली) ने उच्च शिक्षा में समावेशन को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्थान ने पहली बार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) उम्मीदवारों के लिए विशेष पीएचडी प्रवेश अभियान शुरू किया है। यह पहल प्रतिष्ठित संस्थान में इन समुदायों की पीएचडी कार्यक्रमों में निरंतर कम भागीदारी को देखते हुए की गई है, और हाल ही में एक संसदीय समिति द्वारा संवैधानिक सुरक्षा उपायों की समीक्षा के बाद इसे गति मिली है।

समाचार में क्यों?

  • IIT-दिल्ली द्वारा शुरू किया गया यह विशेष पीएचडी प्रवेश अभियान इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसके पीछे SC/ST उम्मीदवारों की कम भागीदारी और आरक्षण मानदंडों की पूर्ति में कमी प्रमुख कारण रहे हैं।
  • अप्रैल 2025 में एक संसदीय समिति की संस्थान में समीक्षा यात्रा के बाद यह पहल शुरू की गई। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2025 रखी गई है।

विशेष पीएचडी अभियान के उद्देश्य

  • SC/ST उम्मीदवारों की पीएचडी में नामांकन बढ़ाना।

  • केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण नियमों (SC: 15%, ST: 7.5%) का पालन सुनिश्चित करना।

  • कम आवेदन दर और विभागीय बाधाओं जैसी पुरानी समस्याओं को दूर करना।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

  • SC/ST उम्मीदवारों के लिए पहले से ही योग्यता में रियायतें दी जा रही हैं (जैसे न्यूनतम 5.5 CGPA, GATE अनिवार्यता में छूट), फिर भी आवेदन कम आते हैं।

  • आंतरिक मूल्यांकन में यह सामने आया कि पीएचडी में SC/ST उम्मीदवारों का दाखिला लगातार निर्धारित कोटे से कम रहा है।

  • SC/ST आयोग की समीक्षा यात्रा के बाद संस्थान में संवेदनशीलता अभियान और जागरूकता में वृद्धि हुई।

सांख्यिकीय प्रवृत्तियाँ (2015–2025)

श्रेणी 2015 2025
SC (PhD) 8.88% 9.69%
ST (PhD) 0.97% 3.28%
SC (PG) 11.27% 13.11%
SC (UG) 13.85% 14.92%

ध्यान दें कि स्नातक (UG) और परास्नातक (PG) स्तरों पर प्रदर्शन बेहतर है, जबकि पीएचडी में भागीदारी सबसे कम है।

क्रियान्वयन की प्रमुख विशेषताएँ

  • विभागीय पात्रता शर्तों में छूट: अब केवल संस्थान-स्तरीय न्यूनतम योग्यता लागू होगी।

  • सभी विभागों में प्रवेश खुला: भले ही वर्तमान में रिक्तियाँ न हों।

  • सुपरन्यूमेरेरी (अतिरिक्त) प्रवेश: योग्य SC/ST उम्मीदवारों को अतिरिक्त सीटें दी जा सकती हैं।

  • संवैधानिक मानदंडों के अनुपालन पर जोर: सभी स्तरों पर सामाजिक समावेशन को बढ़ावा।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

1 day ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

1 day ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

1 day ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

1 day ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

1 day ago