तूफान मेलिसा ने जमैका को तबाह किया, ला सकता है भारी तबाही

हरिकेन मेलिसा (Hurricane Melissa) ने कैरेबियाई क्षेत्र में तबाही मचा दी है, इतिहास में पहली बार जमैका को सीधे कैटेगरी-5 तूफान की मार झेलनी पड़ी है। यह तूफान अब क्यूबा की ओर बढ़ रहा है। 28 अक्टूबर 2025 को जमैका के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से न्यू होप (सेंट एलिज़ाबेथ पैरिश) के पास तट से टकराते समय मेलिसा की रफ्तार 185 मील प्रति घंटा (295 किमी/घं) तक पहुँच गई — जो सैफर-सिम्पसन स्केल (Saffir-Simpson Scale) पर सबसे ऊँची श्रेणी, कैटेगरी 5 में आती है।

हरिकेन मेलिसा — प्रमुख तथ्य

विवरण जानकारी
नाम हरिकेन मेलिसा (Hurricane Melissa)
निर्माण तिथि 20 अक्टूबर 2025
अपेक्षित समाप्ति नवंबर 2025 के प्रारंभ में
अधिकतम तीव्रता कैटेगरी 5 (185 mph / 295 किमी/घं)
जमैका में लैंडफॉल 28 अक्टूबर 2025, न्यू होप (सेंट एलिज़ाबेथ पैरिश)
केंद्रीय दबाव लगभग 915 hPa
विस्तार क्षेत्र 1,500 किमी से अधिक महासागरीय क्षेत्र प्रभावित
तूफानी ज्वार (Storm Surge) निचले तटीय क्षेत्रों में लगभग 4 मीटर तक
गति-दिशा पश्चिम-उत्तरपश्चिम से मुड़कर उत्तर-पूर्व, क्यूबा व बहामास की ओर

जमैका में तबाही

  • मेलिसा ने जमैका में भीषण तबाही मचाई — कस्बे जलमग्न, बिजली ढह गई, और 5 लाख से अधिक लोग बिजली-विहीन हो गए।

  • सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र सेंट एलिज़ाबेथ पैरिश रहा, जहाँ पूरा मोहल्ला डूब गया, मुख्य सार्वजनिक अस्पताल की बिजली ठप हो गई और भवन को संरचनात्मक क्षति पहुँची।

  • प्रधानमंत्री एंड्रयू होल्नेस (Andrew Holness) ने बताया कि घरों, अस्पतालों, सड़कों और वाणिज्यिक ढाँचों को गंभीर नुकसान हुआ है, और कई इलाकों से राहत दलों का संपर्क टूट गया है।

  • प्रारंभिक रिपोर्टों में कोई आधिकारिक मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई, पर सरकार ने चेताया कि कटे हुए क्षेत्रों में हताहतों की संभावना है।

  • 15,000 से अधिक नागरिक अस्थायी शिविरों में पहुँचे, जबकि कई लोग निकासी आदेशों के बावजूद घरों में फँसे रहे।

क्यूबा की ओर रुख

  • जमैका को पार करने के बाद मेलिसा की तीव्रता थोड़ी घटकर कैटेगरी 4 (145 mph / 233 किमी/घं) रह गई, पर यह अब भी क्यूबा के पूर्वी हिस्से, विशेषकर सैंटियागो डे क्यूबा के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।

  • क्यूबा सरकार ने 5 लाख से अधिक लोगों को जोखिम वाले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर निकाला है और भारी वर्षा, भूस्खलन व तूफानी लहरों की चेतावनी जारी की है।

  • बहामास के दक्षिणी द्वीपों में भी आपातकालीन निकासी आदेश जारी किए गए हैं, क्योंकि तूफान का मार्ग उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ रहा है।

जलवायु परिप्रेक्ष्य और क्षेत्रीय प्रभाव

  • मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हरिकेन मेलिसा जैसे तूफान तेज़ी से तीव्र होने वाले चक्रवातों की बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा हैं, जिसका कारण महासागरों का बढ़ता तापमान और जलवायु परिवर्तन है।

  • कैरेबियाई देश, जो वैश्विक तापन के दुष्प्रभावों का सबसे अधिक भार उठाते हैं, लगातार अंतरराष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई और वित्तीय सहायता की माँग कर रहे हैं।

  • जमैका का दक्षिण-पश्चिमी कृषि क्षेत्र, जो पहले हरिकेन बेरिल (2024) से प्रभावित हुआ था, अब दूसरी बार सीधे प्रहार का शिकार हुआ है —
    जिससे खाद्य असुरक्षा, आर्थिक दबाव, और लंबे पुनर्वास-काल की संभावना बढ़ गई है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 month ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago