भारत मंडपम में हुए इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में, एक युवा स्टार्टअप सर्वम AI ने देश का ध्यान खींचा। तीन वर्ष से भी कम समय पहले स्थापित इस बेंगलुरु स्थित कंपनी ने अपने ‘मेड-इन-इंडिया’ लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) और एआई-संचालित हार्डवेयर का प्रदर्शन किया। इनमें आकर्षक ‘Sarvam Kaze’ स्मार्ट चश्मा भी शामिल था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट के दौरान पहना। हालांकि समिट का वह क्षण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, लेकिन Sarvam AI की सफलता संयोग नहीं थी। यह दो इंजीनियरों की वर्षों की मेहनत और ठोस तैयारी का परिणाम था, जिन्होंने भारत की भाषाओं, संस्कृति और वास्तविक जरूरतों के अनुरूप स्वदेशी (Sovereign) एआई सिस्टम विकसित करने का दृढ़ संकल्प लिया था।
Sarvam AI की स्थापना वर्ष 2023 में हुई और इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है। यह उन 12 संगठनों में शामिल था जिन्हें भारत सरकार ने भारतीय डेटा सेट्स पर आधारित एआई मॉडल विकसित करने के लिए चुना था।
कंपनी का मिशन — “AI for all from India” — निम्न लक्ष्यों पर केंद्रित है:
जहां कई वैश्विक एआई सिस्टम मुख्यतः पश्चिमी डेटा पर प्रशिक्षित होते हैं, वहीं सर्वम एआई ने भारतीय (Indic) भाषाओं और स्थानीय संदर्भों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। इस पहल ने उस महत्वपूर्ण कमी को संबोधित किया, जिसे बड़े अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
Sarvam AI की स्थापना प्रत्युष कुमार और विवेक राघवन ने की, जिन दोनों का शैक्षणिक और पेशेवर अनुभव अत्यंत मजबूत रहा है।
प्रत्युष कुमार
विवेक राघवन
दोनों संस्थापकों की गहरी तकनीकी समझ और भारत-केंद्रित दृष्टिकोण ने सर्वम एआई को एक मजबूत नींव प्रदान की।
विवेक राघवन के अनुभव ने Sarvam AI की दिशा को गहराई से प्रभावित किया।
उन्होंने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) में मुख्य उत्पाद प्रबंधक (Chief Product Manager) और बायोमेट्रिक आर्किटेक्ट के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने Aadhaar प्लेटफॉर्म को पहले नामांकन से लेकर एक अरब (बिलियन) उपयोगकर्ताओं तक स्केल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने आगे भी कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं:
उनका AI4Bharat से जुड़ाव भी भारतीय भाषाओं में अंग्रेज़ी-समकक्ष एआई क्षमताएँ विकसित करने के लक्ष्य को और मजबूत करता है।
Sarvam AI ने स्थापना के तुरंत बाद तेज़ी से प्रगति की।
दिसंबर 2023 में कंपनी ने 41 मिलियन डॉलर की सीरीज़-A फंडिंग जुटाई। इस राउंड का नेतृत्व Lightspeed Venture Partners ने किया, जबकि Peak XV Partners और Khosla Ventures ने भी भागीदारी की।
इसके बाद कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ सामने आईं:
2026 की शुरुआत तक कंपनी ने दावा किया कि उसने कुछ विशिष्ट क्षेत्रों, जैसे भारतीय भाषाओं के OCR और दस्तावेज़ लेआउट समझ (Document Layout Understanding) में ChatGPT और Gemini से बेहतर बेंचमार्क परिणाम हासिल किए हैं।
India AI Impact Summit 2026 ने Sarvam AI को अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक मंच प्रदान किया।
चर्चित ‘Sarvam Kaze’ एआई चश्मे के अलावा, कंपनी ने कार्यक्रम से पहले के हफ्तों में 11 एआई प्लेटफॉर्म भी पेश किए।
प्रमुख उत्पाद
सर्वम अक्षर – उच्च-सटीकता वाला दस्तावेज़ डिजिटाइजेशन सिस्टम
सर्वम स्टूडियो – बहुभाषी कंटेंट निर्माण प्लेटफॉर्म
सारस वी3 – स्पीच रिकग्निशन मॉडल
सर्वम विजन – भारतीय लिपियों के लिए विज़ुअल एआई
बुलबुल वी3 – उन्नत स्पीच मॉडल
सर्वम आर्य – भारत-केंद्रित फाउंडेशनल एआई मॉडल
कंपनी के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने एआई को “सिर्फ अंग्रेज़ी तक सीमित न रखने” की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका तर्क था कि विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगकर्ता अनुभव अलग-अलग होते हैं, इसलिए एआई के मानक (Benchmarks) भी सांस्कृतिक और संदर्भगत वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करने चाहिए।
Sarvam AI भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं में एक व्यापक बदलाव का प्रतीक है।
1. डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty)
भारत विदेशी एआई मॉडलों पर निर्भरता कम कर घरेलू स्तर पर मजबूत फाउंडेशनल एआई क्षमताएँ विकसित करना चाहता है।
2. भाषाई समावेशन (Linguistic Inclusion)
भारत में 22 अनुसूचित भाषाएँ और सैकड़ों बोलियाँ हैं। ऐसे में एआई सिस्टम को बहुभाषी और गैर-लैटिन लिपियों को प्रभावी ढंग से संभालने में सक्षम होना चाहिए।
3. सार्वजनिक क्षेत्र में एकीकरण (Public Sector Integration)
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) जैसे संस्थानों के साथ तैनाती यह दर्शाती है कि एआई शासन, पारदर्शिता और सेवा वितरण को बेहतर बना सकता है।
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