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मई में जीएसटी संग्रह 10 प्रतिशत बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपये हुआ

मई में जीएसटी संग्रह 10 प्रतिशत बढ़कर 1.73 लाख करोड़ रुपये हुआ_3.1

आयात में गिरावट के बावजूद घरेलू लेनदेन से राजस्व में मजबूत वृद्धि के कारण सकल जीएसटी संग्रह मई, 2024 में सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर करीब 1.73 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, यह अप्रैल के रिकॉर्ड 2.10 लाख करोड़ रुपये के कर संग्रह की तुलना में 17.61 फीसदी कम है। मई, 2023 में सरकार को जीएसटी के जरिये 1,57,090 करोड़ की कमाई हुई थी।

वित्त मंत्रालय के जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1,72,739 करोड़ रुपये के सकल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी की 32,409 करोड़ और राज्य जीएसटी की 40,265 करोड़ रुपये हिस्सेदारी रही। एकीकृत जीएसटी का योगदान 87,781 करोड़ रहा, जिसमें आयातित वस्तुओं पर जुटाए 39,879 करोड़ रुपये शामिल हैं। कुल उपकर संग्रह 12,284 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान घरेलू लेनदेन से राजस्व में 15.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि आयात में 4.3 फीसदी गिरावट रही।

शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.44 लाख करोड़

आंकड़ों के मुताबिक, रिफंड के बाद मई के लिए शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.44 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह मई, 2023 की तुलना में 6.9 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है। केंद्र सरकार ने 67,204 करोड़ रुपये के शुद्ध एकीकृत जीएसटी संग्रह से केंद्रीय जीएसटी के लिए 38,519 करोड़ और राज्य जीएसटी के लिए 32,733 करोड़ रुपये का निपटान किया।

अंतर-सरकारी समझौता

मई, 2024 के महीने में केंद्र सरकार ने 67,204 करोड़ रुपये के शुद्ध आईजीएसटी से सीजीएसटी को 38,519 करोड़ रुपये और एसजीएसटी को 32,733 करोड़ रुपये का निपटान किया। नियमित निपटान के बाद, मई, 2024 में सीजीएसटी के लिए कुल राजस्व 70,928 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के लिए 72,999 करोड़ रुपये हो गया।

इसी तरह, वित्त वर्ष 2024-25 में मई 2024 तक केंद्र सरकार ने 1,54,671 करोड़ रुपये के शुद्ध आईजीएसटी संग्रह से सीजीएसटी को 88,827 करोड़ रुपये और एसजीएसटी को 74,333 करोड़ रुपये का निपटान किया। निपटान के बाद, वित्त वर्ष 2024-25 में मई 2024 तक सीजीएसटी के लिए 1,65,081 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के लिए 1,68,137 करोड़ रुपये का कुल राजस्व है।

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FAQs

भारत में जीएसटी कब लागू की गई?

1 जुलाई, 2017

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