सरकार ने एमएसएमई के लिए निवेश, कुल बिक्री मानदंडों में संशोधन को अधिसूचित किया

केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के वर्गीकरण के लिए निवेश और टर्नओवर मानदंडों में महत्वपूर्ण संशोधन की घोषणा की है। ये परिवर्तन 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे और MSMEs को अधिक वित्तीय लचीलापन और व्यावसायिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से किए गए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट 2025 के दौरान इस संशोधन की घोषणा की गई, जिसमें निवेश सीमा को 2.5 गुना और टर्नओवर सीमा को दोगुना कर दिया गया है। इस बदलाव से बड़े व्यवसाय भी MSME के रूप में योग्य हो सकेंगे, जिससे उन्हें ऋण, सरकारी प्रोत्साहन, और अन्य सहायता योजनाओं का लाभ मिलेगा।

संशोधित MSME वर्गीकरण

  • प्रभावी तिथि: 1 अप्रैल 2025

  • उद्देश्य: व्यवसाय करने में सुविधा बढ़ाना, MSME लाभों के लिए अधिक उद्यमों को पात्र बनाना और विकास की संभावनाओं को मजबूत करना।

  • निवेश और टर्नओवर की बढ़ी हुई सीमा: अधिक व्यवसायों को MSME श्रेणी में शामिल करने के लिए सरकार ने निवेश और टर्नओवर सीमाओं को बढ़ा दिया है।

संशोधित MSME वर्गीकरण मानदंड

  1. सूक्ष्म उद्यम (Micro Enterprises)

    • पिछली निवेश सीमा: ₹1 करोड़ → संशोधित सीमा: ₹2.5 करोड़

    • पिछली टर्नओवर सीमा: ₹5 करोड़ → संशोधित सीमा: ₹10 करोड़

  2. लघु उद्यम (Small Enterprises)

    • पिछली निवेश सीमा: ₹10 करोड़ → संशोधित सीमा: ₹25 करोड़

    • पिछली टर्नओवर सीमा: ₹50 करोड़ → संशोधित सीमा: ₹100 करोड़

  3. मध्यम उद्यम (Medium Enterprises)

    • पिछली निवेश सीमा: ₹50 करोड़ → संशोधित सीमा: ₹125 करोड़

    • पिछली टर्नओवर सीमा: ₹250 करोड़ → संशोधित सीमा: ₹500 करोड़

संशोधित मानदंडों के प्रभाव

  • MSME कवरेज का विस्तार: अधिक व्यवसाय MSME के रूप में योग्य होंगे, जिससे उन्हें ऋण सुविधाओं और सरकारी प्रोत्साहनों तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

  • विकास के अवसरों में वृद्धि: उद्यम अब अपने MSME दर्जे को बनाए रखते हुए परिचालन का विस्तार कर सकेंगे, जिससे निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

  • वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि: उच्च टर्नओवर सीमाओं से MSMEs को अपने बाजार का विस्तार करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।

  • रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा: MSME वर्गीकरण के विस्तार से नई नौकरियों के सृजन और भारत की GDP में वृद्धि की उम्मीद है।

क्यों चर्चा में? सरकार ने MSME निवेश और टर्नओवर मानदंडों में संशोधन अधिसूचित किया: 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी
निवेश सीमा (पिछला संशोधित) टर्नओवर सीमा (पिछला संशोधित)
(सूक्ष्म) ₹1 करोड़ → ₹2.5 करोड़ ₹5 करोड़ → ₹10 करोड़
(लघु) ₹10 करोड़ → ₹25 करोड़ ₹50 करोड़ → ₹100 करोड़
(मध्यम) ₹50 करोड़ → ₹125 करोड़ ₹250 करोड़ → ₹500 करोड़
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vikash

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