सरकार ने वियतनाम से स्टील आयात में एंटी-डंपिंग जांच शुरू की

भारत ने वियतनाम से हॉट रोल्ड फ्लैट उत्पादों के आयात के संबंध में डंपिंग रोधी जांच शुरू की है। ऐसी शिकायतें मिली हैं कि इन उत्पादों को काफी कम कीमत पर बेचा जा रहा है, जिससे घरेलू इस्पात उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। जेएसडब्ल्यू स्टील और आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) जैसी अग्रणी भारतीय इस्पात निर्माताओं के अनुरोध पर उठाए गए इस कदम का उद्देश्य घरेलू बाजार पर सस्ते आयात के प्रतिकूल प्रभावों को दूर करना है।

भारतीय इस्पात निर्माताओं द्वारा उठाई गई चिंताएँ

भारतीय इस्पात निर्माता चीन से सस्ते दामों पर आयातित इस्पात की आमद से चिंतित हैं, जिसे वियतनाम के रास्ते भेजा जाता है, जिससे घरेलू इस्पात की कीमतें गिर रही हैं। प्रमुख इस्पात उत्पादकों का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय इस्पात संघ (आईएसए) ने इन आयातों की जांच के लिए व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) से याचिका दायर की है।

जांच का दायरा

14 अगस्त, 2024 को जारी डीजीटीआर की अधिसूचना वियतनाम से मिश्र धातु या गैर-मिश्र धातु स्टील के हॉट रोल्ड फ्लैट उत्पादों में एंटी-डंपिंग जांच की शुरुआत की पुष्टि करती है। जांच अवधि 1 जनवरी, 2023 से 31 मार्च, 2024 तक निर्धारित की गई है, जो 15 महीने तक चलेगी। जांच के दायरे में 25 मिमी तक की मोटाई और 2100 मिमी तक की चौड़ाई वाले उत्पाद शामिल हैं।

घरेलू इस्पात उद्योग पर प्रभाव

भारतीय इस्पात निर्माताओं ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि डंप किए गए आयातों ने उनके नकद लाभ, बाजार हिस्सेदारी और निवेश पर प्रतिफल को काफी प्रभावित किया है। याचिकाकर्ताओं ने उद्योग पर वित्तीय दबाव को कम करने के लिए एंटी-डंपिंग शुल्क को पूर्वव्यापी रूप से लागू करने का अनुरोध किया है। सस्ते आयातों की निरंतर आमद प्रमुख इस्पात उत्पादकों की विस्तार योजनाओं के लिए खतरा पैदा करती है, जो 2030-2031 तक भारत की इस्पात उत्पादन क्षमता को 300 मिलियन टन तक बढ़ाने के लिए अरबों का निवेश कर रहे हैं।

बाजार के रुझान और बदलाव

CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, भारत वित्त वर्ष 2024 में स्टील का शुद्ध आयातक बन गया, जिसका व्यापार घाटा 1.1 मिलियन टन था, जो 2017 से शुद्ध निर्यातक के रूप में इसकी स्थिति में बदलाव को दर्शाता है। चीन, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ वियतनाम भारत के लिए एक महत्वपूर्ण निर्यातक के रूप में उभरा है, जिसका निर्यात साल-दर-साल 130% बढ़ा है। इस प्रवृत्ति के कारण अप्रैल-मई 2024 के दौरान पांच वर्षों में तैयार स्टील के आयात का उच्चतम स्तर रहा है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

गोल्डमैन सैक्स ने भारत की CY26 GDP वृद्धि का पूर्वानुमान बढ़ाकर 6.9% किया

भारत की अर्थव्यवस्था के सकारात्मक परिदृश्य में, गोल्डमैन सैक्स ने कैलेंडर ईयर 2026 (CY26) के…

14 mins ago

भारत-किर्गिस्तान संयुक्त स्पेशल फोर्सेज एक्सरसाइज ‘खंजर’ असम में शुरू हुई

भारत–किर्गिज़स्तान संयुक्त विशेष बल अभ्यास खंजर (KHANJAR) का 13वां संस्करण 4 फरवरी 2026 को असम…

53 mins ago

अमित शाह ने भारत टैक्सी का शुभारंभ किया, भारत का पहला सहकारी आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के…

1 hour ago

प्लास्टइंडिया 2026 नई दिल्ली में शुरू होगा

PLASTINDIA 2026, दुनिया की सबसे बड़ी और प्रभावशाली प्लास्टिक प्रदर्शनियों में से एक, 5 फरवरी…

2 hours ago

रूस ने ‘खाबारोव्स्क’ परमाणु पनडुब्बी लॉन्च की, पोसाइडन अंडरवॉटर ड्रोन ले जाने में सक्षम

रूस ने अपनी नवीनतम परमाणु-चालित पनडुब्बी खाबारोव्स्क (Khabarovsk) को लॉन्च किया है, जिसे परमाणु-सक्षम अंडरवॉटर…

4 hours ago

16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला यूरोपीय देश बना स्पेन

स्पेन ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर देशव्यापी…

6 hours ago