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सरकार ने 5 साल आगे बढ़ाई मुफ्त राशन की योजना, अब दिसंबर 2028 तक मिलेगा लाभ

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गरीबों को मुफ्त खाद्यान वितरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ( Pradhan Manitri Garib Kalyan anna yojana) चलाई जा रही है। यह स्कीम कोरोना महामारी के समय पर गरीबों के मदद के लिए शुरू की गई थी।

इस योजना के लाभार्थी को केंद्र सरकार द्वारा 5 किलो राशिन फ्री में दिया जाता है। यह राशन प्रति व्यक्ति के आधार पर दिया जाता है। हाल में आए एक रिपोर्ट के अनुसार इस योजना के लाभार्थी की संख्या 80 करोड़ से ज्यादा है। इनमें सबसे ज्यादा लाभार्थी उत्तर-प्रदेश के हैं।

 

फ्री में राशन का वितरण

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार अब इस योजना में 5 साल और फ्री में राशन का वितरण करेगी। इसका मतलब है कि अब इसकी समयसीमा 1 जनवरी 2024 से बढ़ा कर पांच साल के लिए कर दिया गया है। ठाकुर ने कहा कि अगले पांच वर्षों के दौरान इस योजना पर लगभग 11.8 लाख करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा।

बता दें, दिसंबर 2022 में पीएमजीकेएवाई समाप्त हो गई, लेकिन इसे एनएफएसए के तहत दोबारा एक साल के लिए शामिल कर दिया गया था।

 

निर्णय का महत्व

सरकार विस्तार को एक ऐतिहासिक निर्णय के रूप में वर्णित करती है, जो राष्ट्रीय खाद्य और पोषण सुरक्षा को संबोधित करने के लिए अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस कदम से लक्षित आबादी के लिए स्थायी तरीके से वित्तीय कठिनाइयों को कम करने की उम्मीद है।

 

स्कीम का लाभ कौन उठा सकते हैं?

इस योजना का लाभ उन लोगों को मिलता है, जिनके पास राशन कार्ड है। कोई भी राशन कार्डधारक राशन दुकान पर जाकर राशन ले सकता है। कार्ड पर परिवार के प्रति सदस्य के अनुसार 5 किलो अनाज दिया जाता है।

 

कोरोना के दौरान लॉन्च हुई स्कीम

साल 2020 में कोरोना महामारी के पहले चरण में लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को लॉन्च किया गया था।

 

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FAQs

PMGKAY के पांच साल के विस्तार का वित्तीय निहितार्थ क्या है?

इस विस्तार से सरकार को अगले पांच वर्षों में लगभग ₹11.80 लाख करोड़ की लागत आने का अनुमान है। इस व्यय का उद्देश्य लाभार्थियों के कल्याण का समर्थन करना और लक्षित आबादी के लिए खाद्य सुरक्षा बढ़ाना है।