सरकार ने मित्र देशों को प्याज निर्यात को मंजूरी दी

भारत सरकार ने बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मॉरीशस और भूटान जैसे मित्र देशों को प्याज के निर्यात की अनुमति दे दी है। दिसंबर 2023 में प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के बाद ,सरकार ने इन मित्र देशों के भारतीय प्याज़ के अनुरोध को स्वीकार करते हुए यह निर्णय लिया है। 2022-23 में भारत दुनिया में प्याज का सबसे बड़ा निर्यातक देश था।

भारत बांग्लादेश को 50,000 टन, भूटान को 550 टन, बहरीन को 3,000 टन, मॉरीशस को 1,200 टन और संयुक्त अरब अमीरात को 14,400 टन प्याज के निर्यात की अनुमति देने पर सहमत हुआ है। ये देश अपनी घरेलू खपत को पूरा करने के लिए भारतीय प्याज पर निर्भर हैं। भारत सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के कारण, इन देशों में कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे लोगों और सरकार दोनों को असुविधा हो रही है।

 

प्याज की कीमत पर नियंत्रण हेतु सरकार के कदम

प्याज भारतीय घरों में इस्तेमाल किए जाने वाला एक प्रमुख घटक है। यह राजनीतिक रूप से एक संवेदनशील कृषि वस्तु है और प्याज़ के बढ़ते दाम के कारण भारत में सरकारें भी गिरी हैं।प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों, महाराष्ट्र और कर्नाटक में जलवायु संबंधी घटनाओं के कारण भारत में पिछले दो वर्षों में प्याज़ का उत्पादन कम हुआ है। प्याज की बढ़ती कीमत पर काबू पाने और प्याज के निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए सरकार ने सबसे पहले अगस्त 2023 में प्याज के निर्यात पर 40 फीसदी निर्यात कर लगाया था। सरकार को उम्मीद है कि रबी सीजन 2023-24 के दौरान प्याज का उत्पादन 19.3 मिलियन टन होगा, जो पिछले साल की फसल की तुलना में 18 प्रतिशत कम है।

 

भारत में प्याज फसल का मौसम

प्याज रबी (सर्दियों के मौसम), ख़रीफ़ और देर से ख़रीफ़ (गर्मी/मानसून) के मौसम में उगाया जाता है। रबी मौसम के प्याज की कटाई अप्रैल-मई में की जाती है, जबकि ख़रीफ़ फसल की कटाई अक्टूबर से दिसंबर के आसपास की जाती है। भारत में लगभग 72-75 प्रतिशत प्याज का उत्पादन रबी सीज़न के दौरान होता है। रबी सीज़न के दौरान उगाये गए प्याज का भंडारण ज़्यादा समय तक किया जा सकता है और भारत सरकार देश में साल भर की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा इसका इस्तेमाल बफर स्टॉक बनाने के लिए किया जाता है।

 

प्याज का बफर स्टॉक बनाने हेतु उठाए गए कदम

भारत सरकार ने 2024-25 के लिए बफर स्टॉक बनाने के लिए बाजार से 5 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा है। इसने नाफेड (नेशनल एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन) और एनसीसीएफ़ (नेशनल कंज्यूमर को-ऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) को खरीद एजेंसियों के रूप में नियुक्त किया है।

 

भारत में प्याज का उत्पादन

चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश है। प्याज की खेती भारत के लगभग सभी राज्यों में की जाती है। 2022-23 में भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्याज निर्यातक देश था। भारत ने 2022-23 में लगभग 2.5 मिलियन टन प्याज का निर्यात किया था जिसका मूल्य 4,522.79 करोड़ रुपया ( यानी 561.38 मिलियन डॉलर) था। 2022-23 में, कालानुक्रमिक क्रम में भारतीय प्याज के प्रमुख निर्यात गंतव्य बांग्लादेश, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, नेपाल और इंडोनेशिया थे।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

आकासा एयर IATA का हिस्सा बनने वाली भारत की 5वीं एयरलाइन बनी

भारत की सबसे नई एयरलाइन आकासा एयर, जिसकी स्थापना वर्ष 2020 में हुई थी, अब…

1 day ago

स्काईडो को RBI से मिला PA‑CB लाइसेंस

भारत के फिनटेक इकोसिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण नियामकीय उपलब्धि के रूप में स्काईडो (Skydo)…

1 day ago

विश्व हिंदी दिवस 2026: तारीख, इतिहास, महत्व, थीम

विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा…

1 day ago

ऑस्कर 2026: 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए पांच भारतीय फिल्में क्वालीफाई

98वें अकादमी पुरस्कार, जिन्हें ऑस्कर 2026 के नाम से भी जाना जाता है, में पाँच…

1 day ago

मिशन सुदर्शन चक्र: भारत के ड्रोन डिफेंस को मज़बूत बनाना

भारत ने उभरते हवाई खतरों, विशेषकर शत्रुतापूर्ण ड्रोन से निपटने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र…

1 day ago

गुजरात के मुख्यमंत्री ने कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिए ‘आशा वैन’ मोबाइल यूनिट लॉन्च की

गुजरात ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते…

1 day ago