Google ने भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। अमेरिकी टेक कंपनी भारत में अगले 5 साल के लिए 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये) निवेश करने वाली है। गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई भारत में आयोजित हो रहे AI Impact Summit में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने 18 फरवरी की सुबह पीएम मोदी से भी मुलाकात की है और भारत में एआई के लिए बड़े निवेश की बात की थी।
गूगल द्वारा आयोजित इवेंट में CEO सुंदर पिचाई और गूगल डीपमाइंड के CEO और को-फाउंडर Demis Hassabis ने बड़े निवेश का ऐलान किया है। कंपनी भारत से अमेरिका के बीच समुद्र के नीचे केबल बिछाया जाएगा, ताकि सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिल सके। यह गूगल का अमेरिका-इंडिया कनेक्ट इनिशिएटिव प्लान का हिस्सा है।
अमेरिका-इंडिया कनेक्ट सबसी केबल पहल क्या है?
“अमेरिका-इंडिया कनेक्ट” एक सहयोगात्मक अवसंरचना कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर क्षमता बढ़ाना है। इसके तहत—
- विज़ाग (विशाखापत्तनम) में नया अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे स्थापित किया जाएगा
- भारत को सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ने वाले तीन नए समुद्री केबल मार्ग बनाए जाएंगे
- चार रणनीतिक फाइबर-ऑप्टिक स्थलीय मार्ग विकसित किए जाएंगे
यह अवसंरचना बैंडविड्थ बढ़ाएगी, नेटवर्क की विश्वसनीयता मजबूत करेगी और भारत को वैश्विक एआई हब्स से बेहतर रूप से जोड़ेगी।
सुंदर पिचाई का एआई कनेक्टिविटी विज़न
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि यह पहल भारत, अमेरिका और दक्षिणी गोलार्ध के अन्य क्षेत्रों के बीच एआई कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। उन्होंने भारत को एआई के क्षेत्र में “असाधारण प्रगति पथ” पर बताया। बेहतर कनेक्टिविटी एआई मॉडल प्रशिक्षण, क्लाउड कंप्यूटिंग और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल सेवाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विज़ाग क्यों है रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण?
विशाखापत्तनम में नया सबसी लैंडिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा, जो—
- भारत के पूर्वी तट की डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करेगा
- मौजूदा केबल स्टेशनों पर दबाव कम करेगा
- क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा
यह गेटवे भारत को वैश्विक डेटा नेटवर्क से और गहराई से जोड़ेगा, जिससे एआई अनुसंधान, फिनटेक, क्लाउड सेवाओं और डिजिटल स्टार्टअप को बल मिलेगा।
भारत के डिजिटल और एआई इकोसिस्टम को मजबूती
15 अरब डॉलर का यह निवेश भारत की वैश्विक एआई केंद्र के रूप में उभरती भूमिका के अनुरूप है। सबसी केबल निम्न क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं—
- हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी
- क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर
- एआई मॉडल विकास और तैनाती
- सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय डिजिटल व्यापार
इस पहल से भारत-अमेरिका डिजिटल सहयोग मजबूत होगा और नेटवर्क बाधाओं के खिलाफ लचीलापन बढ़ेगा।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के साथ गूगल की साझेदारी
समिट के दौरान सुंदर पिचाई ने एआई आधारित स्वास्थ्य सेवा के लिए एम्स के साथ गूगल की साझेदारी पर भी प्रकाश डाला।
इस पहल के तहत मरीज डिजिटल रूप से अपने लक्षण दर्ज कर सकेंगे और एआई प्रणाली डॉक्टरों की सहायता के लिए संरचित मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर सकेगी। यह सार्वजनिक सेवाओं में एआई के उपयोग के प्रति गूगल की व्यापक दृष्टि को दर्शाता है।
सबसी केबल क्या होते हैं?
- सबसी केबल समुद्र के नीचे बिछाए गए फाइबर-ऑप्टिक केबल होते हैं, जिनके माध्यम से देशों के बीच इंटरनेट और दूरसंचार डेटा का आदान-प्रदान होता है।
- विश्व के 95% से अधिक अंतरराष्ट्रीय डेटा ट्रैफिक इन्हीं के माध्यम से संचालित होता है। वैश्विक व्यापार, वित्तीय लेनदेन, क्लाउड सेवाएं और एआई संचालन के लिए ये अत्यंत आवश्यक हैं।
- इसी कारण देश सुरक्षित और उच्च क्षमता वाली डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सबसी अवसंरचना में भारी निवेश करते हैं।


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