वॉल स्ट्रीट ब्रोकरेज, Goldman Sachs ने वित्त वर्ष 2021-22 (FY22) के लिए जारी भारत के जीडीपी विकास पूर्वानुमान में बदलाव करते हुए 10.9 प्रतिशत के अपने पूर्व अनुमान को धटाकर 10.5 प्रतिशत कर दिया हैं। पूर्वानुमान में कटौती महामारी के मामलों की बढ़ती संख्या और प्रमुख राज्यों द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के कारन की गई हैं, जो आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करते हैं।
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