SIR फॉर्म में डिजिटाइजेशन में गोवा टॉप पर; केरल काफी पीछे

भारत की चुनावी प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, चुनाव आयोग 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण का संचालन कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूचियों का सत्यापन और अद्यतन करना है, जिसके लिए बूथ स्तर अधिकारियों (BLOs) द्वारा एकत्रित नामांकन प्रपत्रों के डिजिटलीकरण पर खास जोर दिया जा रहा है। जैसे-जैसे 4 दिसंबर 2025 की समय-सीमा नजदीक आ रही है, राज्यों के बीच प्रगति की असमानताएँ स्पष्ट होती जा रही हैं — गोवा सबसे आगे है, जबकि केरल और उत्तर प्रदेश पिछड़ रहे हैं।

प्रगति का अपडेट: नामांकन और डिजिटलीकरण की स्थिति

चुनाव आयोग के 24 नवंबर 2025 तक के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार:

  • 99.07% मतदाता नामांकन फॉर्म एकत्रित किए जा चुके हैं — लगभग 50.50 करोड़ मतदाताओं को कवर करते हुए।

  • इनमें से 47.35% फॉर्म का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण हो चुका है — यानी 24.13 करोड़ से अधिक रिकॉर्ड

राज्यवार डिजिटलीकरण की स्थिति

  • गोवा: 76.89% — देश में सबसे अधिक

  • राजस्थान: 72.20% — दूसरे स्थान पर

  • केरल: ~23% — सबसे नीचे

  • उत्तर प्रदेश: 26.6% — केरल के साथ पिछड़ता हुआ

यह अभियान निम्न राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहा है:
छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह और लक्षद्वीप।

जमीनी स्थिति और BLOs की चुनौतियाँ

नामांकन और डिजिटलीकरण की पूरी जिम्मेदारी बूथ स्तर अधिकारियों पर है, जिनमें ज्यादातर शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, क्लर्क और फील्ड स्टाफ शामिल हैं। कई रिपोर्टों में सामने आया है कि BLO निम्न चुनौतियों का सामना कर रहे हैं:

  • ऐप में तकनीकी दिक्कतें, विशेषकर फोटो अपलोड करते समय

  • अधिक कार्यभार, खासकर उम्रदराज़ या तकनीक से कम परिचित अधिकारियों के लिए

  • मानसिक तनाव और अत्यधिक दबाव — कुछ राज्यों में विरोध प्रदर्शन और कार्य-दबाव से मृत्यु के मामले भी सामने आए हैं

उत्तर प्रदेश से कई उदाहरण सामने आए हैं:

  • BLO प्रक्रिया और ऐप के बारे में असमंजस व्यक्त करते हैं

  • कई BLO परिवारजनों से मदद लेते हैं

  • पर्यवेक्षकों की लगातार निगरानी तनाव बढ़ाती है

SIR अभियान का महत्व

चुनाव आयोग का यह डिजिटलीकरण प्रयास कई उद्देश्यों को पूरा करता है:

  • मतदाता सूची की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाना

  • दोहरे पंजीकरण और पुरानी जानकारी को कम करना

  • दावों एवं आपत्तियों को दर्ज करना अधिक सरल बनाना

  • चुनावों को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना

9 दिसंबर 2025 को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिसके बाद दावों और आपत्तियों की अवधि शुरू होगी।

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य

  • SIR अवधि: 4 नवंबर – 4 दिसंबर 2025

  • फॉर्म एकत्रित: 99.07% (लगभग 51 करोड़ मतदाताओं का कवरेज)

  • फॉर्म डिजिटलीकरण: 47.35% (24 नवंबर 2025 तक)

  • शीर्ष राज्य: गोवा (76.89%)

  • निचले राज्य: केरल (~23%), उत्तर प्रदेश (26.6%)

  • अगली मुख्य तिथि: 9 दिसंबर 2025 — मसौदा मतदाता सूची जारी

  • डिजिटलीकरण द्वारा: बूथ स्तर अधिकारी (BLO)

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vikash

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