गोवा में प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने तीसरे जिले के गठन का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य शासन को लोगों के और अधिक नज़दीक लाना है। यह नया जिला दक्षिण गोवा से अलग किया जाएगा और इसका मुख्यालय क्यूपेम में होगा। इस पहल का फोकस बेहतर प्रशासन, सेवा वितरण और आंतरिक क्षेत्रों के विकास पर रहेगा।
गोवा सरकार ने दक्षिण गोवा के चार तालुकाओं को मिलाकर तीसरे जिले के गठन की घोषणा की है। यह निर्णय पहले ही कैबिनेट द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, क्षेत्रीय विकास को गति देना और बेहतर शासन के लिए छोटे जिलों की सिफारिशों के अनुरूप कदम उठाना है।
वर्तमान में गोवा में दो जिले हैं—
पुनर्गठन के बाद, दक्षिण गोवा में पोंडा, साल्सेट और मोरमुगाओ बने रहेंगे, जबकि शेष चार तालुके नए जिले का गठन करेंगे।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि कैबिनेट का निर्णय विभिन्न दलों के विधायकों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया।
NITI आयोग की सिफारिशों के अनुसार छोटे जिले बनाकर शासन को अधिक प्रभावी और लोगों के करीब लाया जा सकता है।
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| ख़बरों में क्यों? | गोवा ने तीसरे जिले के गठन की घोषणा की |
| नए जिले का मुख्यालय | क्यूपेम |
| शामिल तालुके | सांगुएम, धारबंदोरा, क्यूपेम, कनाकोना |
| किस जिले से अलग किया गया | दक्षिण गोवा |
| प्रमुख उद्देश्य | बेहतर शासन और क्षेत्रीय विकास |
Q. गोवा के प्रस्तावित तीसरे जिले का मुख्यालय कहाँ होगा?
A) पणजी
B) मडगांव
C) क्यूपेम
D) वास्को
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