भारत की प्रमुख रक्षा शिपबिल्डिंग कंपनी गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) अबू धाबी में आयोजित NAVDEX 2025 प्रदर्शनी में अपनी स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई “फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV)” और “ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV)” का प्रदर्शन कर रही है। ये पोत “मेक इन इंडिया” पहल के तहत भारत की बढ़ती समुद्री क्षमताओं को दर्शाते हैं। यह प्रदर्शनी GSL को अपनी नवाचार क्षमताओं को उजागर करने और वैश्विक रक्षा बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है।
प्रमुख विशेषताएँ
फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) का प्रदर्शन
- लंबाई और गति: 50 मीटर लंबा पोत, अधिकतम 35 नॉट्स (65 किमी/घंटा) की गति प्राप्त करने में सक्षम।
- उद्देश्य: तटीय गश्त, तस्करी विरोधी, आतंकवाद विरोधी अभियान, काफिले की सुरक्षा और युद्धकालीन संचार।
- संभार प्रणाली: तीन 2,720 kW डीजल इंजन, जो स्वतंत्र वॉटरजेट सिस्टम से जुड़े हैं, जिससे उच्च गतिशीलता प्राप्त होती है।
- क्षमता: 35 कर्मियों के लिए पूरी तरह वातानुकूलित आवास।
- संचालन शक्ति: कठिन समुद्री परिस्थितियों में लंबी अवधि के मिशन के लिए डिज़ाइन किया गया।
पिछली तैनाती:
- भारतीय तटरक्षक बल: 7 FPVs वितरित किए गए, जो सुनामी राहत जैसी आपदाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
- निर्यात: 2 FPVs मॉरीशस को आपूर्ति कर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में GSL की उपस्थिति को बढ़ाया गया।
NAVDEX 2025 में ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV) का प्रदर्शन
प्राथमिक भूमिका:
- सैन्य अभियानों में भागीदारी
- कानून प्रवर्तन और समुद्री डकैती रोधी गश्त
- खोज और बचाव (SAR) मिशन
- पर्यावरणीय आपदाओं के दौरान राहत अभियान
डिजाइन विशेषताएँ:
- मजबूत स्टील पतवार – कठोर समुद्री परिस्थितियों में उच्च स्थायित्व।
- बहुउद्देशीय संचालन के लिए अनुकूलित – विभिन्न प्रकार के मिशनों को संभालने की क्षमता।
अन्य समुद्री समाधान जो प्रदर्शनी में प्रस्तुत किए जा रहे हैं
- फ्लोटिंग डॉक: ज्वारीय आंदोलनों के अनुसार समायोजित होने वाले डॉक, जो पारंपरिक स्थिर डॉक की तुलना में अधिक कुशल हैं।
- प्रदूषण नियंत्रण पोत: समुद्री प्रदूषण प्रबंधन और विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में तेल रिसाव की सफाई के लिए डिज़ाइन किए गए।
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL): नौसेना उत्कृष्टता की विरासत
- स्थापना: 1957
- रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (DPSU) का दर्जा: 1967 में प्राप्त किया।
- नवाचार मान्यता: वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) द्वारा स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन और विकास के लिए प्रमाणित।
NAVDEX 2025: एक रणनीतिक रक्षा मंच
- स्थान: अबू धाबी, UAE
- आयोजक: ADNEC समूह, UAE रक्षा मंत्रालय और तवाज़ुन काउंसिल के सहयोग से।
महत्व:
- IDEX के साथ आयोजित प्रमुख समुद्री रक्षा प्रदर्शनी।
- वैश्विक रक्षा उद्योग के नेताओं, सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों की भागीदारी।
- नवीनतम रक्षा प्रवृत्तियों, रणनीतिक साझेदारी और सैन्य तकनीकी विकास का प्रदर्शन।
NAVDEX 2025 में GSL की भागीदारी भारत की नौसैनिक नवाचार क्षमताओं और वैश्विक रक्षा क्षेत्र में उसके विस्तार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
| क्यों खबर में? | गोवा शिपयार्ड ने NAVDEX 2025 में स्वदेशी पोत प्रदर्शित किए |
| आयोजक | ADNEC ग्रुप, UAE रक्षा मंत्रालय और तवाज़ुन काउंसिल |
| प्रदर्शित पोत | फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV), ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV) |
| FPV विशेषताएँ | 50 मीटर लंबाई, 35 नॉट्स गति, तस्करी और आतंकवाद विरोधी मिशन |
| OPV विशेषताएँ | बहुउद्देशीय संचालन, सैन्य अभियानों, खोज और बचाव (SAR), समुद्री डकैती रोधी और पर्यावरणीय प्रतिक्रिया के लिए उपयुक्त |
| अतिरिक्त प्रदर्शन | फ्लोटिंग डॉक, प्रदूषण नियंत्रण पोत |
| GSL की विरासत | 1957 में स्थापित, 1967 से DPSU, स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन के लिए प्रसिद्ध |
| रणनीतिक प्रभाव | भारत की नौसेना क्षमताओं को सशक्त बनाता है और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग को बढ़ावा देता है |


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