मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर शख्स

उद्योगपति गौतम अडानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल कर लिया है। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक, अडानी की कुल संपत्ति 92.6 अरब डॉलर आंकी गई है, जबकि अंबानी की संपत्ति 90.8 अरब डॉलर बताई गई है। इस तरह अडानी अब न सिर्फ भारत बल्कि पूरे एशिया में सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। वे फिलहाल दुनिया के सबसे अमीर 500 लोगों की लिस्ट ‘ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स’ में 19वें स्थान पर हैं।

अडानी की संपत्ति में उछाल

अडानी की संपत्ति में यह उछाल उनके ग्रुप के शेयरों में लगातार आई तेजी की वजह से हुआ है। उनका कारोबार बंदरगाह से लेकर ऊर्जा तक फैला हुआ है, और हाल के दिनों में इन सेक्टर्स में निवेशकों की दिलचस्पी काफी बढ़ी है। इसी कारण से उनकी कंपनियों का मार्केट कैप तेजी से बढ़ा एवं उनकी कुल संपत्ति में भी बहुत बड़ा इजाफा हुआ।

सबसे बड़े निजी बंदरगाह

अडानी देश के सबसे बड़े निजी बंदरगाह नेटवर्क का संचालन करते हैं। इसके अतिरिक्त वे नवीकरणीय ऊर्जा, हवाई अड्डा संचालन एवं कोयला व्यापार जैसे बड़े क्षेत्रों में भी मजबूत पकड़ रखते हैं। उनकी संपत्ति का बहुत बड़ा हिस्सा उनकी 10 लिस्टेड कंपनियों में हिस्सेदारी से आता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस भी काफी मजबूत

रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस भी काफी मजबूत है, लेकिन अडानी ग्रुप के मुकाबले उसकी रफ्तार थोड़ी धीमी रही, जिस वजह से रैंकिंग में यह उलटफेर हुआ। मुकेश अंबानी की संपत्ति में इस बार अपेक्षाकृत धीमी बढ़त देखने को मिली है। उनका मुख्य बिजनेस रिलायंस इंडस्ट्रीज है, जो ऊर्जा, टेलीकॉम एवं रिटेल जैसे सेक्टर्स में फैला हुआ है। लेकिन इस बार उनकी संपत्ति में उतनी तेजी नहीं आई, जिससे रैंकिंग में बदलाव हो गया।

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति में टेस्ला के मालिक एलन मस्क अभी भी पहले नंबर पर काबिज हैं। उनकी संपत्ति 656 अरब डॉलर है। उनके बाद गूगल के लैरी पेज (286 अरब डॉलर) और अमेजन के जेफ बेजोस (269 अरब डॉलर) का नंबर आता है। खास बात यह है कि विश्व के टॉप 50 अमीरों की लिस्ट में केवल दो भारतीय- अडानी और अंबानी ही शामिल हैं।

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए महत्व

गौतम अडानी का उदय भारत की अर्थव्यवस्था में चल रहे व्यापक रुझानों को दर्शाता है, जिनमें शामिल हैं:

  • देश में बुनियादी ढांचे का तेज़ी से विकास।
  • साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा पर बढ़ता हुआ ज़ोर।
  • और वैश्विक निवेशकों की बढ़ती हुई रुचि।
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vikash

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