ड्रोन विनिर्माता कंपनी गरुड़ एयरोस्पेस को स्वदेशी ‘किसान ड्रोन’ के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से ‘टाइप सर्टिफिकेशन’ और ‘आरपीटीओ (रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन)’ मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि किसान ड्रोन कृषि उद्देश्यों के लिए है और इसे ‘टाइप प्रमाणन’ जीए-एजी मॉडल के लिए मिला है। डीजीसीए का ‘टाइप प्रमाण’ गुणवत्ता जांच के आधार पर दिया जाता है। इसे मानवरहित यान की सख्त जांच के बाद ही जारी किया जाता है। वहीं रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन डीजीसीए द्वारा अधिकृत संगठन है जो ड्रोन नियम 2021 के नियम 34 के तहत ‘रिमोट पायलट प्रमाणपत्र’ देता है।
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गरुड़ एयरोस्पेस के संस्थापक अग्निश्वर जयप्रकाश ने कहा कि डीजीसीए का यह दोहरा प्रमाणन हमारी स्वदेशी, मेड इन इंडिया विनिर्माण क्षमताओं का सबूत है। हमारे पास अगले पांच महीने के भीतर 5,000 ड्रोन बनाने की मजबूत मांग आई है।किसान ड्रोन खेती से जुडे़ कई काम करने में सक्षम होता है। जैसे कीटनाशक के एक समान छिड़काव, फसलों की निगरानी, भूमि से जुड़े आंकड़े जुटाने और डेटा के संग्रह इत्यादि के काम आता है।
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