भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर प्रतिबंध और प्रतिबंध) विनियम, संशोधन के जरिए तेल और वसा में ट्रांस फैटी एसिड (टीएफए) के इस्तेमाल की छूट की मात्रा को इसकी मौजूदा छूट की मात्रा 5% से कम कर वर्ष 2021 के लिए 3% और 2022 के लिए 2% तक सीमित कर दिया है। साल 2011 में ऐसा भारत में पहली बार किया गया जब कोई विनियमन पारित किया जिससे तेल और वसा में 10% की TFA सीमा निर्धारित की गई थी, इसके बाद 2015 में इसे और घटाकर 5% कर दिया गया।
देश के खाद्य नियामक निकाय ने हितधारकों के साथ परामर्श के बाद विषय पर एक मसौदा जारी करने के एक साल से अधिक समय बाद 29 दिसंबर को संशोधन को अधिसूचित किया। संशोधित विनियमन खाद्य रिफाइंड तेलों, वानस्पति (आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेलों), मार्जरीन, बेकरी की छोटी बूंदों और खाना पकाने के अन्य माध्यमों पर लागू होता है जैसे कि वनस्पति वसा फैलता है और मिश्रित वसा फैलता है।
WARRIOR 4.0 | Banking Awareness Batch for SBI, RRB, RBI and IBPS Exams | Bilingual | Live Class
ट्रांस फैट के बारे में:
दुनिया भर में एक बार फिर एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरस चर्चा में आ गया…
भारत की न्यायपालिका में कई ऐसे कानूनी शब्द हैं जो आम लोगों के लिए जटिल…
भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां जनता अपने प्रतिनिधियों को चुनकर उन्हें कानून बनाने का…
World Most Polluted Cities 2026: बढ़ते AQI ने बढ़ाई चिंता साल 2026 में वायु प्रदूषण…
भारत में बागवानी (हॉर्टिकल्चर) के क्षेत्र में अंगूर एक महत्वपूर्ण फल फसल है। इसका उपयोग…
तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है! 2026 विधानसभा चुनाव…