स्वतंत्रता सेनानी और स्वाधीन बंगला बेतर केंद्र के संगीतकार, अनूप भट्टाचार्य (Anup Bhattacharya) का निधन हो गया है. बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान, उन्होंने स्वाधीन बंगला बेतर केंद्र (Swadhin Bangla Betar Kendra) में संगीतकार और संगीत निर्देशक के रूप में काम किया था. वह रवीन्द्र संगीत शिल्पी संस्था (Rabindra Sangeet Shilpi Sangstha) के संस्थापक सदस्य भी हैं.
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उनके उस समय के मुक्ति गीतों, जिसमे “तीर हारा ए ढेऊ-र सगोर”, “रोक्तो दीये नाम लिखेछी,” “पूरबो दिगोंते सुरजो उतेचे,” और “नोंगोर तोलो तोलो” शामिल है, ने 1971 के दौरान मुक्ति युद्ध सेनानियों को प्रेरित किया. स्वाधीन बंगला बेतर केंद्र 1971 में रेडियो प्रसारण का माध्यम था.
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