हर साल 1 नवंबर को भारत के पाँच राज्य — कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, हरियाणा और मध्य प्रदेश — अपना राज्य स्थापना दिवस मनाते हैं। यह दिन इन राज्यों के गठन और उनके विकास की याद दिलाता है। इस अवसर पर लोग अपनी संस्कृति, एकता, प्रगति और गर्व का उत्सव मनाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इन राज्यों को शुभकामनाएँ देते हैं और उनके नागरिकों के परिश्रम, योगदान और देशप्रेम की सराहना करते हैं।
आइए जानें कि इन राज्यों का गठन कैसे हुआ और 1 नवंबर उनके लिए क्यों विशेष है —
कर्नाटक में हर साल 1 नवंबर को कन्नड़ राज्योत्सव (Kannada Rajyotsava) मनाया जाता है, जो राज्य के 1956 में गठन की याद दिलाता है।
भारत के 1950 में गणराज्य बनने के बाद राज्यों का पुनर्गठन भाषाई आधार पर किया गया। कन्नड़ भाषा बोलने वाले क्षेत्रों को मिलाकर पहले मैसूर राज्य बनाया गया।
बाद में, राज्य के लोगों की इच्छा पर, इसे 1973 में “कर्नाटक” नाम दिया गया ताकि यह सभी कन्नडिगों की पहचान को दर्शा सके।
इस दिन राज्यभर में ध्वजारोहण, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और सरकार द्वारा राज्योत्सव पुरस्कार (Rajyotsava Awards) उन लोगों को दिए जाते हैं जिन्होंने साहित्य, कला, शिक्षा और समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
केरल में 1 नवंबर को केरल पिरवी दिनम (Kerala Piravi) यानी “केरल का जन्मदिन” मनाया जाता है।
स्वतंत्रता से पहले यह क्षेत्र तीन हिस्सों — मालाबार, कोचीन और त्रावणकोर — में बँटा हुआ था। इन्हें मिलाकर 1956 में केरल राज्य का गठन हुआ।
“केरल” नाम ‘केरा’ (नारियल) शब्द से बना है, जो इस राज्य के हर हिस्से में पाया जाता है।
करीब 38,000 वर्ग किलोमीटर में फैला केरल उत्तर में कर्नाटक, दक्षिण में तमिलनाडु और पश्चिम में अरब सागर से घिरा है।
यह राज्य अपनी बैकवॉटर, हरियाली, समुद्र तटों और आयुर्वेदिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। इस दिन लोग पारंपरिक परिधानों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नृत्यों और गीतों के माध्यम से अपनी समृद्ध विरासत का उत्सव मनाते हैं।
छत्तीसगढ़ भारत के सबसे संपन्न और सांस्कृतिक रूप से विविध राज्यों में से एक है। यह 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य बना।
लगभग 1.35 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल और 2.5 करोड़ से अधिक जनसंख्या वाला यह राज्य 27 जिलों और 5 संभागों — रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा — में बँटा है।
यह राज्य अपनी जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, मंदिरों और खनिज संपदा के लिए प्रसिद्ध है।
मुख्य भाषाएँ हिंदी और छत्तीसगढ़ी हैं।
इस दिन लोग लोक संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी परंपराओं और उपलब्धियों का प्रदर्शन करते हैं।
हरियाणा राज्य का गठन 1 नवंबर 1966 को पंजाब से अलग होकर हुआ था, जो मुख्यतः भाषाई आधार पर किया गया था।
हरियाणा का ऐतिहासिक महत्व बहुत बड़ा है — महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में, और पानीपत के तीनों युद्ध इसी भूमि पर लड़े गए।
हरियाणा के 21 जिले और 4 संभाग हैं — अंबाला, गुरुग्राम, हिसार और रोहतक।
यह भारत के सबसे समृद्ध और औद्योगिक रूप से विकसित राज्यों में से एक है।
यह राज्य 1960 के हरित क्रांति (Green Revolution) में अग्रणी रहा, जिसने देश की खाद्यान्न उत्पादन क्षमता को बढ़ाया।
गुरुग्राम (गुड़गांव) आज एक प्रमुख आईटी और व्यवसायिक केंद्र है। हरियाणा के खिलाड़ी भी भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करते हैं।
मध्य प्रदेश (एमपी) का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ। इसे “भारत का हृदय” कहा जाता है क्योंकि यह देश के भौगोलिक केंद्र में स्थित है।
यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य (क्षेत्रफल के आधार पर) और छठा सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। इसमें 51 जिले और 10 संभाग शामिल हैं।
मध्य प्रदेश अपनी इतिहास, संस्कृति और वन्य जीवन के लिए प्रसिद्ध है।
यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं —
खजुराहो मंदिर (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल)
कान्हा और बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
राज्य स्थापना दिवस पर यहाँ लोक नृत्य, पारंपरिक मेले और सरकारी आयोजन होते हैं, जिनमें प्रदेश की संस्कृति, विकास और गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित किया जाता है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]Google ने भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। अमेरिकी…
भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार उपयोग को लेकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बना…
फोर्ब्स की 2025 की सूची में 40 वर्ष से कम आयु के सबसे अमीर स्वनिर्मित…
गुजरात का बजट 2026-27 (Gujarat Budget 2026-27) 18 फरवरी 2026 को गांधीनगर विधानसभा में वित्त…
जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल…
मध्य प्रदेश का बजट 2026-27 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा…