भारतीय खेल जगत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, फिडे शतरंज विश्व कप 2025 की ट्रॉफी का नाम भारत के महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के नाम पर रखा गया है। अब इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को आधिकारिक रूप से “विश्वनाथन आनंद कप” कहा जाएगा। यह सम्मान पाँच बार के विश्व चैंपियन आनंद के वैश्विक शतरंज में अतुलनीय योगदान को समर्पित है।
यह घोषणा गोवा के पणजी में आयोजित एक भव्य समारोह में की गई, जिसमें केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, और फिडे अध्यक्ष अर्कादी द्वोर्कोविच शामिल थे।
आगामी टूर्नामेंट में दुनिया भर के शीर्ष शतरंज खिलाड़ी भाग लेंगे।
भारत के डी. गुकेश और आर. प्रज्ञानानंदा इस बार भारत की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
वहीं, मैग्नस कार्लसन और हिकारू नाकामुरा ने इस वर्ष भाग न लेने का निर्णय लिया है।
महिला विश्व शतरंज कप चैंपियन दिव्या देशमुख ने कार्यक्रम के दौरान ‘ड्रॉ ऑफ लॉट्स’ का संचालन किया।
कुल 206 खिलाड़ी — 80 देशों से — आठ नॉकआउट राउंड के क्लासिकल खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
“मद्रास के टाइगर” के नाम से प्रसिद्ध विश्वनाथन आनंद भारत के पहले शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं और पाँच बार के विश्व चैंपियन रह चुके हैं। उन्होंने भारत में शतरंज को लोकप्रिय बनाने के साथ-साथ नई पीढ़ी — जैसे गुकेश, प्रज्ञानानंदा और निहाल सरीन — के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया।
फिडे विश्व कप ट्रॉफी का नाम उनके नाम पर रखना, उनके दशकों लंबे योगदान की वैश्विक मान्यता का प्रतीक है — यह न केवल भारत बल्कि विश्व शतरंज समुदाय के लिए गर्व का क्षण है।
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