केरल वन विभाग ने नूलपुझा ग्राम पंचायत के सहयोग से आक्रामक पौधों, विशेष रूप से सेन्ना स्पेक्टेबिलिस को जड़ से खत्म करने और प्राकृतिक वनों को बहाल करने के लिए ‘वणीकरण’ (वनीकरण) परियोजना शुरू की है। यह परियोजना वायनाड वन्यजीव अभयारण्य के सुल्तान बाथरी वन रेंज के तहत 30 हेक्टेयर वनभूमि पर क्रियान्वित की जा रही है, जहां सेना स्पेक्टेबिलिस, यूपेटोरियम, मिकानिया माइक्रांथा और लैंटाना कैमरा सहित विदेशी आक्रामक पौधे, स्थानीय प्रजातियों के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
कदंबक्कड़, गोलूर और कालीचिरा आदिवासी बस्तियों के 87 श्रमिकों ने अब तक 3.5 हेक्टेयर वन भूमि पर 3,000 बांस के पौधे और 1,000 फलों के पौधे लगाए हैं।
अधिकारी पौधे लगाने के अलावा परियोजना के तहत अगले पांच वर्षों तक पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। श्रमिकों ने पौधों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्षा जल संचयन के लिए मिट्टी के बांध और गड्ढे भी बनाए हैं।
विभाग ने आने वाले वर्षों में अभयारण्य के तहत सुल्तान बाथेरी, कुरिच्यद और मुथंगा वन रेंज में 200 हेक्टेयर में परियोजना के विस्तार का प्रस्ताव दिया हैं।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
भारत ने नागोया प्रोटोकॉल (Nagoya Protocol) के तहत अपनी पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट जैव विविधता पर…
विश्व बैंक, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में वायु गुणवत्ता सुधार के…
ऑटोमोटिव टायर निर्माता संघ (ATMA) ने घोषणा की है कि अरुण मामेन को दोबारा चेयरमैन…
भारत ने जैव विविधता पर अभिसमय (CBD) को अपनी सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट (NR-7) प्रस्तुत की…
फरवरी 2026 में भारत की बेरोजगारी दर मामूली रूप से घटकर 4.9 प्रतिशत हो गई।…
साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 की आधिकारिक घोषणा 16 मार्च 2026 को की गई। यह पुरस्कार…