Fitch ने स्थिर परिदृश्य के साथ भारत की ‘बीबीबी-’ रेटिंग बरकरार रखी

अपनी ताज़ा समीक्षा में फिच रेटिंग्स ने भारत की दीर्घकालिक विदेशी मुद्रा जारीकर्ता डिफॉल्ट रेटिंग (IDR) को ‘BBB-’ स्थिर दृष्टिकोण के साथ बरकरार रखा है। यह निर्णय, जो 25 अगस्त 2025 को जारी किया गया, भारत की मज़बूत विकास दर, सुदृढ़ बाहरी वित्तीय स्थिति और स्थिर व्यापक आर्थिक ढाँचे (macroeconomic framework) को मान्यता देता है। साथ ही, यह दर्शाता है कि अल्पकालिक जोखिमों के बावजूद भारत की दीर्घकालिक आर्थिक बुनियाद पर फिच को पूरा विश्वास है।

विकास परिदृश्य और संरचनात्मक मजबूती

GDP अनुमान

  • फिच ने अनुमान लगाया है कि भारत की GDP वृद्धि दर 2024–25 और 2025–26 में 6.5% रहेगी, जो BBB रेटिंग वाले देशों के औसत 2.5% से कहीं अधिक है।

  • इस मजबूती का आधार है –

    • मज़बूत घरेलू मांग

    • सार्वजनिक पूंजीगत व्यय

    • स्थिर निजी खपत

हालाँकि, निजी निवेश वैश्विक अनिश्चितताओं और व्यापारिक जोखिमों के कारण मध्यम स्तर पर रहने की संभावना जताई गई है।

दीर्घकालिक लाभ
फिच ने कहा कि भारत की राजकोषीय स्थिरता (fiscal consolidation) और बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक विश्वसनीयता आने वाले वर्षों में प्रति व्यक्ति आय (GDP per capita) जैसे संरचनात्मक संकेतकों में सुधार करेगी और सरकारी ऋण (government debt) का स्तर धीरे-धीरे घटेगा।

बाहरी जोखिम: अमेरिकी टैरिफ और आपूर्ति श्रृंखला

  • अमेरिका द्वारा भारत से आयातित वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव (27 अगस्त 2025 से लागू होने की संभावना) भारत के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

  • भारत के GDP पर इसका सीधा असर सीमित (लगभग 2%) होगा क्योंकि अमेरिका को निर्यात केवल GDP का छोटा हिस्सा है।

  • लेकिन इससे व्यवसायिक भावना (business sentiment) और विदेशी निवेश (FDI) प्रभावित हो सकता है।

  • यदि भारत पर लगाए गए शुल्क एशियाई प्रतिस्पर्धियों से अधिक रहे, तो चीन से हटती वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का लाभ उठाने की भारत की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता: मुद्रास्फीति और वित्तीय रुझान

मुद्रास्फीति पर नियंत्रण

  • जुलाई 2025 में मुख्य मुद्रास्फीति (headline inflation) 1.6% रही, जिसका मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट है।

  • कोर मुद्रास्फीति लगभग 4% पर स्थिर है, जो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 2–6% लक्ष्य दायरे में है।

RBI की नीतिगत पहलें

  • RBI ने फरवरी से जून 2025 के बीच रेपो दर (Repo Rate) में 100 आधार अंक (bps) की कटौती कर इसे 5.5% कर दिया।

  • फिच को उम्मीद है कि वर्ष के अंत तक RBI इसे और 25 आधार अंक घटाकर 5.25% कर सकता है।

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vikash

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