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INS Chilka में अग्निवीरों की पहली बैच की पासिंग आउट परेड

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2,585 अग्निवीरों के पहले जत्थे ने 28 मार्च को ओडिशा के आईएनएस चिल्का में अपनी पासिंग आउट परेड का जश्न मनाया।परेड दक्षिणी नौसेना कमान के तत्वावधान में आयोजित की गई थी। परेड की समीक्षा एडमिरल आर हरि कुमार, नौसेनाध्यक्ष ने माननीय संसद सदस्य पीटी उषा, प्रख्यात खेल हस्ती मिताली राज और प्रख्यात नौसैनिक दिग्गजों की उपस्थिति में की।परेड में पास होने वालों में 272 महिला अग्निवीर भी हैं।

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खुशी पठानिया को INS चिल्का में अग्निवीरों की पहली पासिंग आउट परेड में सर्वश्रेष्ठ महिला अग्निवीर के लिए जनरल बिपिन रावत ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। पठानकोट की 19 वर्षीय खुशी, एक सूबेदार मेजर की पोती और एक किसान की बेटी हैं। अमलाकांति जयराम, अग्निवीर (SSR), अजीत पी, अग्निवीर (MR) को पुरुषों की कैटेगरी में क्रमश: चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ रोलिंग ट्रॉफी और सर्वश्रेष्ठ अग्निवीर एसएसआर और एमआर के लिए स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

 

अग्निपथ योजना के बारे में

 

इस योजना के तहत बढ़ते वेतन और पेंशन खर्च को कम करने के लिए संविदा के आधार पर अल्पकालिक सैनिकों की भर्ती की जाएगी, जिन्हें ‘अग्नीवीर’ कहा जाएगा। इस योजना के तहत सैनिकों को शुरू में चार साल की अवधि के लिए भर्ती किया जाएगा और उनमें से कुछ को बरकरार रखा जाएगा। भारतीय युवाओं को सशस्त्र बलों में ‘अग्नीवीर’ के रूप में सेवा करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। योजना के तहत महिलाओं को भी सशस्त्र बलों में भर्ती किया जाएगा। “अग्निपथ” योजना, जिसे पहले “टूर ऑफ़ ड्यूटी” नाम दिया गया था, तीनों सेवाओं के प्रमुखों की उपस्थिति में शुरू की गई थी।

 

अग्निवीरों का वेतन

 

अग्निवीरों को 30,000 रुपये से 40,000 रुपये प्रति माह का वेतन और लागू भत्ता मिलेगा। सेवा निधि आयकर से मुक्त होगी।कोई भी ग्रेच्युटी और पेंशन संबंधी लाभ पाने का हकदार नहीं होगा। अग्निवीरों को 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।

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FAQs

अग्निवीर योजना कितने साल की होती है?

अग्निपथ योजना (Agneepath Yojana) के माध्यम से अब दसवीं और बारहवीं पास युवाओं को भारतीय सेना की तीनों शाखाओं (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) में अग्निवीर के रूप में 4 साल तक पेशेवर सैनिक के रूप में सेवा करने का मौका मिलेगा।

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