प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के दूसरे चरण में महिला भागीदारी बढ़कर 41% हुई

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) में महिला आवेदकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में भागीदारी 31% से बढ़कर दूसरे चरण में 41% हो गई। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (एमसीए) के अनुसार, यह वृद्धि लक्षित आउटरीच पहलों और योजना की कार्यान्वयन प्रक्रिया में किए गए रणनीतिक बदलावों का परिणाम है।

महिला भागीदारी बढ़ने के प्रमुख कारण
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) ने महिला भागीदारी में इस उछाल के लिए दो प्रमुख कारण बताए:

  1. जन-जागरूकता अभियान
    राज्य सरकारों और मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालयों के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाए गए जिससे महिलाओं को योजना की जानकारी अधिक प्रभावी ढंग से मिली।

  2. योजना की विशेषताओं में सुधार
    आवेदन प्रक्रिया और जानकारी साझा करने के तरीकों को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया गया, जिससे महिलाओं को अवसरों तक पहुँचने में आसानी हुई।

इंटर्नशिप अवसर और आवेदन संख्या
जनवरी 2025 से शुरू हुए दूसरे चरण में:

  • 327 कंपनियों ने 1.18 लाख से अधिक इंटर्नशिप अवसर (नई और पहले की खाली पड़ी) पोस्ट किए।

  • ये अवसर 735 जिलों में फैले हुए थे।

  • 2.14 लाख उम्मीदवारों से 4.55 लाख आवेदन प्राप्त हुए।

  • यह पहले चरण की तुलना में एक बड़ा विस्तार दर्शाता है।

महत्वपूर्ण बदलाव जो असरदार साबित हुए

  • भू-स्थान टैगिंग (Geo-tagging) के साथ इंटर्नशिप की सटीक लोकेशन दर्शाना जिससे महिलाओं को घर के पास अवसर चुनने में सुविधा हुई।

  • कंपनियों के नाम व प्रोफाइल सार्वजनिक कर पारदर्शिता बढ़ाई गई।

  • सरकारी स्टाइपेंड के अतिरिक्त कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले अतिरिक्त लाभों की जानकारी भी साझा की गई।

  • ये विशेषताएँ उन महिलाओं के लिए खासतौर से सहायक रहीं जो यात्रा या स्थान संबंधी सीमाओं का सामना करती हैं।

सरकार और राज्यों का सहयोग

  • क्षेत्रीय कार्यालयों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए।

  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोडल विभाग/अधिकारी नामित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

  • IEC (सूचना, शिक्षा और संप्रेषण) अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और नौकरी चाहने वालों से सीधे संपर्क स्थापित किया गया।

महिला भर्ती पर प्रभाव

  • पहले चरण में महिला चयन की दर 28% थी, जो लगभग 31% महिला आवेदन दर से मेल खाती थी।

  • दूसरे चरण में महिला आवेदन दर 41% तक पहुँच गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि इस बार चयन प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी और भी मजबूत हो सकती है।

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vikash

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