ईपीएफओ ने एक सर्कुलर जारी कर ये साफ कर दिया है कि अब भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के एक निर्देश के बाद आधार कार्ड को जन्मतिथि प्रमाण पत्र के रूप में मान्य नहीं किया जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने जन्म तिथि के प्रमाण के लिए आधार को स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची से हटा दिया है।
ईपीएफओ के मुताबिक, यह फैसला भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के एक निर्देश के बाद लिया गया है। जिसमें कहा गया है कि जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में आधार के उपयोग को स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची से हटाने की जरूरत है। आधार को जन्मतिथि में सुधार के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची से हटाया जा रहा है।
इससे पहले भी UIDAI ने कहा था कि EPFO जैसे कई संगठन जन्म तिथि की पुष्टि के लिए आधार को एक वैध दस्तावेज मानते रहे हैं, लेकिन UIDAI ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधार कार्ड एक विशिष्ट पहचान प्रमाण के रूप में कार्य करता है, लेकिन इसे आधार अधिनियम, 2016 के अनुसार, जन्म तिथि का वैध प्रमाण नहीं माना जाता है।
AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…
बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…
भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…
भारतीय कला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि राजा रवि वर्मा…
एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट के अनुसार, कुछ चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक भारत…
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) का पहला संस्करण 4 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।…