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ईपीएफओ अधिकारी विश्व बैंक-मिल्केन पीएफएएम कार्यक्रम के लिए चयनित

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (Regional Provident Fund Commissioner) श्री विवेकानंद गुप्ता को भारत और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रतिष्ठित पब्लिक फाइनेंशियल एसेट मैनेजमेंट (PFAM) प्रोग्राम 2025–26 में चुना गया है। यह कार्यक्रम विश्व बैंक और मिल्केन इंस्टीट्यूट द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है और इसका आयोजन बेज़ बिजनेस स्कूल, सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में होगा।

यह पहली बार है कि किसी EPFO अधिकारी और भारत से किसी प्रतिनिधि को इस उच्च स्तरीय वैश्विक कार्यक्रम के लिए चुना गया है। यह उपलब्धि न केवल EPFO के लिए बल्कि भारत के लिए भी सार्वजनिक वित्तीय नेतृत्व और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी का एक मील का पत्थर है।

पीडीयूएनएएसएस की भूमिका

इस चयन प्रक्रिया को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा अकादमी (PDUNASS) ने आगे बढ़ाया। कठोर चयन प्रक्रिया के माध्यम से श्री गुप्ता को नामित किया गया। इससे EPFO की वैश्विक उपस्थिति मज़बूत हुई और निवेश शासन, पूंजी बाजार तथा परिसंपत्ति प्रबंधन में भविष्य के सहयोग का मार्ग प्रशस्त हुआ।

उपलब्धि का महत्व

यह उपलब्धि EPFO के रणनीतिक लक्ष्यों से मेल खाती है, जिनमें शामिल हैं—

  • वैश्विक बेंचमार्किंग को अपनाना

  • अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करना

  • दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता हेतु क्षमता निर्माण

PFAM प्रोग्राम के बारे में

PFAM प्रोग्राम एक वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त नेतृत्व विकास पहल है। 2025–26 के बैच में शामिल हैं—

  • 13 देशों से 16 प्रतिभागी

  • 11 केंद्रीय बैंकों से

  • 3 सॉवरेन वेल्थ फंड से

  • 2 प्रमुख पेंशन फंड से

इसका फोकस है—

  • पूंजी बाज़ार संचालन

  • दीर्घकालिक परिसंपत्ति प्रबंधन की रणनीति

  • सार्वजनिक संस्थानों के लिए प्रशासनिक ढांचे

श्री गुप्ता का चयन भारत को विश्व के अग्रणी वित्तीय पेशेवरों और संस्थानों के नेटवर्क से जोड़ता है।

EPFO के लिए महत्व

₹25 लाख करोड़ से अधिक की निधि का प्रबंधन करने वाला EPFO विश्व के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा संस्थानों में से एक है। इस अंतर्राष्ट्रीय मान्यता से—

  • एसेट मैनेजमेंट प्रथाओं में सुधार होगा

  • वैश्विक प्रशासनिक मानकों का एकीकरण होगा

  • रिटायरमेंट बचत पर बेहतर रिटर्न सुनिश्चित होगा

  • पारदर्शिता, जवाबदेही और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा

मुख्य तथ्य

  • चयनित अधिकारी: श्री विवेकानंद गुप्ता, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त

  • कार्यक्रम: PFAM प्रोग्राम 2025–26

  • आयोजक: विश्व बैंक और मिल्केन इंस्टीट्यूट

  • आयोजन स्थल: बेज़ बिजनेस स्कूल, सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन

  • प्रतिभागी संस्थान: केंद्रीय बैंक (11), सॉवरेन वेल्थ फंड (3), पेंशन फंड (2)

  • भारत की पहली भागीदारी: हाँ

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