रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation – DRDO) ने अपनी न्यूनतम सीमा के लिए स्वदेशी रूप से विकसित तीसरी पीढ़ी की मैन-पोर्टेबल एंटीटैंक गाइडेड मिसाइल (Man-Portable Antitank Guided Missile-MPATGM) का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया। मिसाइल को एक थर्मल साइट के साथ एकीकृत एक मानव-पोर्टेबल लांचर (man-portable launcher) से लॉन्च किया गया था, और सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा किया गया था।
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मिसाइल के बारे में:
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