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ISSF World Cup: दिव्यांश सिंह पंवार ने जीता स्वर्ण पदक

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महज 21 साल की उम्र में, दिव्यांश सिंह पंवार ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अपना चौथा विश्व कप स्वर्ण हासिल करके, शूटिंग इतिहास के इतिहास में अपना नाम दर्ज करना जारी रखा है। यह नवीनतम जीत उनके प्रभावशाली संग्रह में शामिल है, जिसमें 2019 के बाद से म्यूनिख, बीजिंग और दिल्ली में जीत शामिल है।

राजस्थान के रहने वाले दिव्यांश सिंह पंवार ने आईएसएसएफ विश्व कप की शुरुआत में ही अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी यात्रा टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन के साथ समाप्त हुई, जिसने बाद के आयोजनों में उनके उल्लेखनीय कारनामों के लिए मंच तैयार किया।

 

एक भी स्कोर 10 से कम का नहीं

दिव्यांश ने क्वालीफिकेशन में विश्व स्तरीय 632.4 अंक से पहले स्थान से 24 शॉट के फाइनल में जगह बनायी जिसमें भी अपने सटीक निशानों से रजत पदक विजेता इटली के दानी सोलाजो को 1.9 अंक से पछाड़ दिया। उन्होंने एक भी स्कोर 10 से कम का नहीं बनाया और उनके दो शॉट परफेक्ट 10.9 अंक के रहे।

 

दिव्यांश ने जीत के बाद क्या कहा

दिव्यांश ने जीत के बाद कहा कि मैं लंबे समय बाद स्वर्ण पदक जीतकर खुश हूं। हाल के दिनों में मैं अच्छा निशाना लगा रहा था लेकिन चूक रहा था। इस पदक से निश्चित रूप से इस महत्वपूर्ण वर्ष में मेरा आत्मविश्वास बढ़ेगा।

 

विश्व कप चरण में कुल पांचवां स्वर्ण

सर्बिया के लाजार कोवासेविच ने कांस्य पदक जीता जबकि फाइनल में पहुंचने दूसरे भारतीय अर्जुन बबूता छठे स्थान पर रहे। यह दिव्यांश का विश्व कप चरण में कुल पांचवां स्वर्ण पदक है। 2019 में चीन के पुटियान के बाद यह उनका दूसरा व्यक्तिगत स्वर्ण पदक है। भारत के अब दो स्वर्ण और दो रजत पदक हो गये हैं जिससे देश ओलंपिक वर्ष के पहले आईएसएसएफ विश्व कप चरण की तालिका में शीर्ष पर चल रहा है।

FAQs

भारत में सबसे अच्छी राइफल कौन सी है?

भारत की सेना के पास आधुनिक और हाईटेक हथियार है. सेना को काफी समय से एक भरोसेमंद राइफल की तलाश थी, जो अब एके-203 असॉल्ट राइफल (AK 203 Assault Rifle) के रूप में पूरी होने वाली है. रूस (Russia India AK 203) के साथ मिलकर भारत इस खतरनाक राइफल को बनाने के लिए तैयार है.