भारतीय भाषाओं के संरक्षण पर जोर, शिक्षा मंत्री ने 41 साहित्यिक कृतियां लॉन्च कीं

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कन्नड़, तेलुगु, मलयालम और ओडिया भाषाओं के उत्कृष्टता केंद्रों द्वारा तैयार 41 साहित्यिक किताबों का विमोचन किया। मंत्री ने कहा, “हम भारत की साहित्यिक विरासत को लोकप्रिय बनाने और संरक्षित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारतीय भाषाएं अभिव्यक्ति का माध्यम हैं और सरकार इन भाषाओं के प्रति प्रतिबद्ध है। मंत्री ने केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (CICT) द्वारा निर्मित तिरुक्कुरल की सांकेतिक भाषा व्याख्या श्रृंखला के साथ-साथ 13 पुस्तकों का भी विमोचन किया।

क्या-क्या जारी किया जा रहा है?

यह कार्यक्रम नए शैक्षणिक और समावेशी साहित्यिक कार्यों को प्रस्तुत करता है।

  • उत्कृष्टता केंद्रों द्वारा विकसित कुल 41 साहित्यिक कृतियाँ
  • भाषाएँ: शास्त्रीय कन्नड़, तेलुगु, मलयालम और ओड़िया
  • प्राचीन ग्रंथों और परंपराओं के संरक्षण पर केंद्रित रचनाएँ
  • शोध, शिक्षा और भाषा-अध्ययन को सहयोग
  • विद्वानों के साथ-साथ सामान्य पाठकों के लिए भी उपयोगी

केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान (CIIL) की भूमिका

  • शास्त्रीय भाषा संसाधनों के विकास में CIIL की अहम भूमिका है।
  • ये कृतियाँ केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान (CIIL) के अंतर्गत विकसित की गई हैं
  • CIIL भाषाई विविधता और बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देता है
  • भारतीय भाषाओं के शोध, प्रलेखन और शिक्षण का समर्थन
  • शास्त्रीय भाषाओं के उत्कृष्टता केंद्रों का समन्वय
  • भाषा-आधारित सांस्कृतिक संरक्षण को सशक्त बनाना

तिरुक्कुरल और सांकेतिक भाषा पहल

  • शास्त्रीय ज्ञान को और अधिक समावेशी बनाया जा रहा है।
  • तिरुक्कुरल पर आधारित 13 पुस्तकें भी जारी की जाएँगी
  • इनके साथ 45 एपिसोड की सांकेतिक भाषा व्याख्या शृंखला
  • यह कार्य केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान द्वारा विकसित
  • श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए पहुँच में सुधार
  • परंपरा और आधुनिक समावेशी संचार का प्रभावी संयोजन

पहल का महत्व

  • यह कार्यक्रम सांस्कृतिक निरंतरता और समावेशन को मज़बूत करता है।
  • भारत की शास्त्रीय साहित्यिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाता है
  • युवाओं को प्राचीन ग्रंथों से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है
  • सांकेतिक भाषा संसाधनों के माध्यम से समावेशी शिक्षा को समर्थन
  • भारत की बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करता है
  • सांस्कृतिक संरक्षण और नवाचार के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप

भारत में शास्त्रीय भाषाएँ क्या हैं?

  • शास्त्रीय भाषाओं को उनकी प्राचीन उत्पत्ति और समृद्ध साहित्यिक परंपरा के कारण आधिकारिक मान्यता प्राप्त है।
  • इनकी साहित्यिक परंपराएँ सदियों पुरानी हैं
  • भारत में 11 शास्त्रीय भाषाएँ हैं: मलयालम, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, संस्कृत, ओड़िया, मराठी, असमिया, पालि, प्राकृत और मराठी
  • इनके अध्ययन और संवर्धन के लिए समर्पित संस्थान कार्यरत हैं
  • ये भाषाएँ भारत की सांस्कृतिक विरासत की आधारशिला हैं

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

पीएम मोदी ने तिरुचिरापल्ली में ₹5,600 करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु में लगभग ₹5,600 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का…

1 min ago

भारत की अग्नि-4 बनाम पाकिस्तान की शाहीन-II: रेंज, पेलोड और क्षमता की तुलना

भारत और पाकिस्तान ने अपनी रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता (Strategic Deterrence) को मजबूत करने के लिए…

2 hours ago

IEA इमरजेंसी रिज़र्व से रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल रिलीज़ करेगा

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने अपने इतिहास में सबसे बड़ी आपातकालीन तेल रिलीज़ की घोषणा…

2 hours ago

GDP बेस ईयर अपडेट के बाद सरकार ने फिस्कल डेफिसिट रेश्यो में बदलाव किया

भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit)…

17 hours ago

ICC महिला ODI रैंकिंग: स्मृति मंधाना नंबर 1 पर बरकरार, जेमिमा रोड्रिग्स 12वें स्थान पर खिसकीं

स्मृति मंधाना ने नवीनतम ICC महिला वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में अपना नंबर-1 स्थान बरकरार रखा…

17 hours ago

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने IAF C-130J MRO सुविधा के लिए रैमको के साथ साझेदारी की

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने रैमको सिस्टम्स के साथ मिलकर भारत में भारतीय वायु सेना…

18 hours ago