विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 का आयोजन 19 जनवरी 2026 से दावोस, स्विट्ज़रलैंड में होगा। पाँच दिनों तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन में लगभग 3,000 वैश्विक नेता भाग लेंगे। बैठक में आर्थिक मंदी, भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु जोखिम और तकनीकी बदलाव जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान पर चर्चा की जाएगी। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया में अनिश्चितता बढ़ रही है और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव देखने को मिल रहा है।
समाचार में क्यों?
विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026 19 जनवरी से दावोस में शुरू हो रही है। इस वर्ष का सम्मेलन अब तक के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है, जिसमें 130 से अधिक देशों के नेता भाग ले रहे हैं।
दावोस और विश्व आर्थिक मंच क्या है?
- विश्व आर्थिक मंच (WEF) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में है।
- पिछले 50 से अधिक वर्षों से यह मंच सरकारों, व्यवसायों, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और नागरिक समाज के नेताओं को एक साथ लाता रहा है।
- इसका सबसे प्रमुख आयोजन दावोस वार्षिक बैठक है, जहाँ सार्वजनिक-निजी सहयोग के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा की जाती है।
- WEF का उद्देश्य संवाद, सहयोग और नीति-नवाचार के ज़रिये दुनिया की स्थिति में सुधार करना है।
दावोस 2026: तिथि, स्थान और थीम
- तिथि: 19 जनवरी से 23 जनवरी 2026
- स्थान: दावोस, स्विट्ज़रलैंड
- थीम: “संवाद की भावना (A Spirit of Dialogue)”
इस वर्ष की थीम एक विभाजित और प्रतिस्पर्धात्मक विश्व में सहयोग की आवश्यकता पर बल देती है। चर्चाओं का केंद्र बिंदु होगा—
- भरोसे का पुनर्निर्माण
- भू-राजनीतिक तनावों का प्रबंधन
- नवाचार आधारित विकास
- आर्थिक विखंडन और तेज़ तकनीकी बदलाव के बीच समावेशी विकास
दावोस 2026 में भाग लेने वाले
- WEF के अनुसार, 130 से अधिक देशों से लगभग 3,000 नेता भाग लेंगे।
- इनमें करीब 400 वरिष्ठ राजनीतिक नेता और लगभग 65 राष्ट्राध्यक्ष/सरकार प्रमुख शामिल होंगे।
- G7 देशों के शीर्ष नेता भी इसमें मौजूद रहेंगे।
- प्रमुख प्रतिभागियों में डोनाल्ड ट्रंप, जो अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, शामिल हैं।
- संयुक्त राष्ट्र (UN), अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जैसे वैश्विक संस्थानों के प्रमुख भी भाग लेंगे।
व्यापार और प्रौद्योगिकी नेताओं की भूमिका
- दावोस 2026 में लगभग 850 शीर्ष CEO और उद्योग जगत के नेता शामिल होंगे।
- सत्या नडेला और जेन्सन हुआंग जैसे प्रमुख तकनीकी नेता भी इसमें भाग लेने की संभावना रखते हैं।
- चर्चाएँ मुख्य रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा संक्रमण, आपूर्ति शृंखलाएँ और नवाचार आधारित विकास पर केंद्रित रहेंगी।
- यह निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, जो वैश्विक आर्थिक नीतियों को आकार दे रहा है।
दावोस 2026 में भारत की भागीदारी
- भारत का प्रतिनिधित्व एक उच्चस्तरीय राजनीतिक और व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल करेगा, जो उसकी बढ़ती वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक भूमिका को दर्शाता है।
- वाणिज्य, ऊर्जा, डिजिटल अवसंरचना और विदेश मामलों से जुड़े वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री भाग लेने की उम्मीद है।
- महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और केरल जैसे राज्यों के मुख्यमंत्री भी सम्मेलन में शामिल होंगे।
- टाटा, इंफोसिस, महिंद्रा और JSW जैसे प्रमुख भारतीय उद्योग समूह भारत की मौजूदगी को मजबूत करेंगे।
भारत और राज्यों के उद्देश्य
- भारतीय राज्य दावोस 2026 का उपयोग विदेशी निवेश आकर्षित करने और अपने विकास मॉडल प्रदर्शित करने के लिए करेंगे।
- केरल जिम्मेदार निवेश और ESG-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा।
- झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा और समावेशी विकास पर आधारित ऊर्जा संक्रमण मॉडल प्रस्तुत करेगा।
- आंध्र प्रदेश अवसंरचना और उद्योग में निवेश अवसरों को रेखांकित करेगा।
- इन पहलों का उद्देश्य भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक विकास साझेदार के रूप में स्थापित करना है।
वैश्विक स्तर पर दावोस 2026 का महत्व
- दावोस 2026 ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भू-राजनीतिक संघर्षों, आर्थिक सुस्ती, जलवायु संकट और तेज़ तकनीकी बदलाव से जूझ रही है।
- यह मंच उस दौर में संवाद का तटस्थ मंच प्रदान करता है जब बहुपक्षीय सहयोग दबाव में है।
- यहाँ से सतत विकास, जलवायु कार्रवाई, AI शासन और वैश्विक सहयोग पर रणनीतियाँ सामने आने की उम्मीद है, जिससे भविष्य की वैश्विक नीतियों को दिशा मिलेगी।
विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) के बारे में
| पहलू | विवरण |
| स्थापना | 1971 में (यूरोपियन मैनेजमेंट फोरम के रूप में) 1987 में नाम बदलकर विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) किया गया |
| संस्थापक | क्लॉस श्वाब (Klaus Schwab) – जर्मन अर्थशास्त्री स्टेकहोल्डर कैपिटलिज़्म की अवधारणा के प्रवर्तक |
| मुख्यालय | कोलॉनी (Cologny), स्विट्ज़रलैंड |
| उद्देश्य / लक्ष्य | • दुनिया की स्थिति में सुधार करना • सार्वजनिक–निजी सहयोग को बढ़ावा देना • वैश्विक आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करना • सरकारों, व्यवसायों और नागरिक समाज के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना |
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