एनएचपीसी लिमिटेड की स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में 50 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया गया

विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने 6 नवंबर 2025 को भारत की अग्रणी जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी लिमिटेड (NHPC) की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ₹50 का स्मारक सिक्का जारी किया। नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह में एक विशेष कॉमिक पुस्तक “छोटा भीम और बड़ा बाँध” भी लॉन्च की गई, जिसका उद्देश्य बच्चों और आम जनता में जलविद्युत के महत्व और इसके लाभों के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय सम्मान, ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों और युवा सहभागिता—इन तीनों को एक साथ जोड़ती है, जिससे यह विषय समसामयिक घटनाओं और सिविल सेवा परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनता है।

एनएचपीसी की यात्रा

  • स्थापना: 7 नवंबर 1975

  • प्रारंभिक भूमिका: जलविद्युत परियोजनाओं पर केंद्रित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी

  • विकास: पिछले पाँच दशकों में एनएचपीसी ने देश के दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों में अनेक जटिल एवं महत्त्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाएँ सफलतापूर्वक विकसित कीं।

  • वर्तमान स्वरूप: अब एनएचपीसी सौर, पवन और हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय है, और स्वयं को 100% ग्रीन एनर्जी कंपनी के रूप में स्थापित कर चुकी है।

  • स्वर्ण जयंती एनएचपीसी की नवाचार, धैर्य और भारत के सतत ऊर्जा लक्ष्यों में उसके योगदान का उत्सव है।

स्वर्ण जयंती समारोह की प्रमुख झलकियाँ

  • ₹50 का स्मारक सिक्का केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा जारी किया गया, जो एनएचपीसी की पाँच दशकों की उपलब्धियों का प्रतीक है।

  • सिक्का जलविद्युत विकास और हरित ऊर्जा में एनएचपीसी के नेतृत्व की राष्ट्रीय सराहना को दर्शाता है।

  • “छोटा भीम और बड़ा बाँध” शीर्षक से कॉमिक बुक का विमोचन — लोकप्रिय बाल पात्र छोटा भीम के माध्यम से बच्चों को जलविद्युत की अवधारणा को सरल और रोचक तरीके से समझाने का प्रयास।

  • समारोह में एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) तथा निर्देशकों की उपस्थिति रही, जिससे यह आयोजन भारत के विद्युत क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण बन गया।

मुख्य तथ्य

बिंदु विवरण
कार्यक्रम एनएचपीसी की 50वीं वर्षगांठ (स्वर्ण जयंती)
शुभारंभकर्ता केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल
मुख्य आकर्षण ₹50 का स्मारक सिक्का एवं कॉमिक पुस्तक “छोटा भीम और बड़ा बाँध”
एनएचपीसी की क्षमता 8,333 मेगावाट स्थापित, 9,704 मेगावाट निर्माणाधीन
रणनीतिक दिशा सौर, पवन और हरित हाइड्रोजन में विविधीकरण
महत्त्व सतत विकास, सार्वजनिक क्षेत्र में नवाचार और युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहन
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vikash

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