चीन ने अफ्रीकी महाद्वीप के देश मिस्र के साथ अंतरिक्ष सहयोग बढ़ाते हुए एक नया स्पेसक्राफ्ट मिस्रसैट 2 ( MisrSat 2) लॉन्च किया है। इसे चीन के लॉन्ग मार्च 2C कैरियर रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया है। गोबी मरुस्थल ( Gobi Desert) के पास स्थित जिकुआन सेटेलाइट लांच सेंटर से इसे लॉन्च किया गया है। यह एक ऑप्टिकल रिमोट सेंसिंग सेटेलाइट है। चीन ने मिस्र को सेटेलाइट असेंबली इंटीग्रेशन टेस्टिंग सेंटर के निर्माण में भी मदद दिया है। चीन ने कहा है कि यह मिस्र के साथ डीप हाई टेक एयरोस्पेस सहयोग को बढ़ावा देने वाली घटना साबित होगी।
इस सेटेलाइट से कृषि क्षेत्र, राष्ट्रीय संसाधनों, शहरी नियोजन, तटीय परिवर्तन निगरानी आदि मामलों में मदद मिलेगी। अहम बात यह है कि चीन और इजिप्ट के बीच संबंधों में जितनी मजबूती आएगी वह भारत इजिप्ट संबंधों को कहीं न कहीं प्रभावित करेगा। भारत इस समय इजिप्ट के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत से मजबूत करने की नीति पर चल रहा है। वेस्ट एशिया की राजनीति के विवादों के समाधान में इजिप्ट की भूमिका काफी प्रभावी रही है। जब से इजिप्ट को ब्रिक्स का नया सदस्य बनाने की घोषणा हुई है तब से चीन और भारत दोनों ही मिस्र के साथ बेहतर जुड़ाव के प्रयास कर रहे हैं। अफ्रीकी महाद्वीप में सामरिक आर्थिक पकड़ मजबूत बनाने में भारत और चीन दोनों के लिए इजिप्ट लाभदायक है। चीन पिछले वर्ष कह चुका है कि चीन और मिस्र अपने हितों की रक्षा के लिए ”एक समान दृष्टिकोण और रणनीति” साझा करते हैं।
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